LAC:चीन के साथ 11वें दौर की बातचीत, लंबित मुद्दों के 'शीघ्र' समाधान करने पर जताई सहमति 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 11, 2021, 07:33 AM IST

Indo China Talks Latest News: भारत और चीन ने 11वें दौर की सैन्य वार्ता में पूर्वी लद्दाख में जमीनी स्तर पर संयुक्त रूप से स्थिरता बनाये रखने तथा किसी भी नयी घटना को टालने पर सहमति व्यक्त की।

LAC:चीन के साथ 11वें दौर की बातचीत, लंबित मुद्दों के 'शीघ्र' समाधान करने पर जताई सहमति 

नयी दिल्ली: पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और देपसांग के शेष संघर्ष वाले क्षेत्रों में सैनिकों के पीछे हटने के लिए भारत और चीन के बीच सैन्य वार्ता (Indo China Talk) के नवीनतम दौर में चीनी पक्ष ने इस मुद्दे पर अपने रूख में कोई लचीलापन नहीं दिखाया। दोनों देशों के बीच 13 घंटे तक चली 11 वें दौर की सैन्य वार्ता के एक दिन बाद भारतीय सेना (Indian Army) ने शनिवार को एक बयान में कहा कि दोनों पक्षों ने शेष क्षेत्रों में सैनिकों के पीछे हटने पर विस्तृत चर्चा की और जमीनी स्तर पर संयुक्त रूप से स्थिरता बनाये रखने, किसी भी नयी घटना को टालने और लंबित मुद्दों का 'शीघ्र' समाधान करने पर सहमति जताई।

उपरोक्त लोगों ने कहा कि चीनी प्रतिनिधिमंडल एक 'पहले से तय सोच' के साथ वार्ता के लिए आया था और संघर्ष वाले शेष क्षेत्रों में सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया पर आगे बढ़ने की दिशा में कोई लचीलापन नहीं दिखाया।
भारतीय सेना ने एक बयान में कहा कि इस संदर्भ में इस बात को प्रमुखता से रखा गया कि अन्य क्षेत्रों में सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी होने से दोनों सैन्यबलों के बीच तनाव कम करने तथा शांति की पूर्ण बहाली सुनिश्चित करने और द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा।

11 वें दौर की वार्ता पूर्वी लद्दाख में LAC पर चुशूल सीमा चौकी पर भारतीय क्षेत्र में हुई

कोर कमांडर स्तर की 11 वें दौर की वार्ता पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चुशूल सीमा चौकी पर भारतीय क्षेत्र में हुई। वार्ता पूर्वाह्न साढ़े दस बजे शुरू हुई और रात साढ़े 11 बजे खत्म हुई।वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई लेह स्थित 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पी जी के मेनन ने की।सेना ने कहा, 'दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैनिकों के पीछे हटने से संबंधित बाकी मुद्दों के समाधान को लेकर विचारों का आदान-प्रदान किया।' बयान में कहा गया है,  'दोनों पक्षों ने मौजूदा समझौतों और प्रोटोकॉल के अनुसार त्वरित तरीके से लंबित मुद्दों का समाधान करने की आवश्यकता पर सहमति जताई।'

'किसी भी नयी घटना को टालने और सीमा क्षेत्रों में संयुक्त रूप से स्थिरता बनाये रखने पर सहमत'

इसमें कहा गया है, 'दोनों पक्ष इस बात पर राजी थे कि अपने नेताओं से मार्गदर्शन एवं सहमति प्राप्त करना, संवाद जारी रखना तथा बाकी मुद्दों के यथाशीघ्र परस्पर स्वीकार्य हल की दिशा में काम करना अहम है।' बयान में कहा गया है, 'उन्होंने जमीनी स्तर पर संयुक्त रूप से स्थिरता बनाये रखने, किसी भी नयी घटना को टालने और सीमा क्षेत्रों में संयुक्त रूप से स्थिरता बनाये रखने पर सहमत हुए।'

पिछले साल पैंगोंग झील के पास हुई हिंसक झड़प के चलते गतिरोध पैदा हो गया था

भारत और चीन की सेनाओं के बीच पिछले साल पैंगोंग झील के पास हुई हिंसक झड़प के चलते गतिरोध पैदा हो गया, जिसके बाद दोनों पक्षों ने धीरे-धीरे अपने हजारों सैनिकों की उस इलाके में तैनाती की थी। कई दौर की सैन्य और राजनयिक स्तर की वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने फरवरी में पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से से सैनिकों और हथियारों को पूरी तरह पीछे हटाने पर सहमति जतायी थी। भारत इस बात पर बल देता रहा है कि देपसांग, हॉटस्प्रिंग, गोगरा समेत सभी लंबित मुद्दों का समाधान दोनों देशों के संपूर्ण संबंधों के लिए अनिवार्य है।

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