चारधाम यात्रा शुरू करने के अपने फैसले से पलटी उत्तराखंड सरकार, हाई कोर्ट के फैसले के बाद नया एसओपी जारी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 29, 2021, 12:14 PM IST

उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा शुरू करने के अपने फैसले से पलट गई है। राज्य सरकार ने नए सिरे से दिशानिर्देश जारी किया है। राज्य सरकार ने यह निर्णय उत्तराखंड हाई कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए लिया है।

चारधाम यात्रा शुरू करने के अपने फैसले से पलटी उत्तराखंड सरकार, हाई कोर्ट के फैसले के बाद नया एसओपी जारी

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने अगले आदेश तक चारधाम की यात्रा स्थगित कर दी है। राज्य सरकार ने यह निर्णय उत्तराखंड हाई कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए लिया है। चारधाम यात्रा के बारे में सरकार ने संशोधित एसओपी जारी किया है। इससे पहले नैनीताल हाईकोर्ट ने सोमवार को एक जुलाई से चारधाम यात्रा शुरू करने के राज्य कैबिनेट के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी थी। इसके बावजूद राज्य सरकार ने चार धाम यात्रा से संबंधित जिलों के लोगों के लिए यात्रा खोलने का निर्णय लिया था लेकिन अब राज्य सरकार ने अपने फैसले से यूृटर्न ले लिया है। 

राज्य सरकार ने जारी की थी गाइडलाइन
राज्य सरकार की गाइडलाइंस में कहा गया है कि यात्रा का पहला चरण 1 जुलाई से शुरू होगा जबकि दूसरा चरण 11 जुलाई से शुरू होगा। यात्रा के दौरान कोविड निगेटिव की रिपोर्ट लानी जरूरी होगी। जब हाईकोर्ट ने यात्रा पर फिलहाल रोक लगा दी है ऐसे में सरकार की तरफ से नई गाइडलाइंस जारी होने से कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सोमवार को ही चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार ने कोर्ट में शपथ पत्र पेश किया था लेकिन यह कोर्ट इससे संतुष्ट नजर नहीं आया।

1 जुलाई से शुरू होनी थी यात्रा

आपको बता दें कि पिछले साल भी कोरोना वायरस की वजह से सरकार ने एक जुलाई से ही चार धाम यात्रा शुरू की थी। इस बार भी सरकार ने एक जुलाई से ही यात्रा को शुरू करने का फैसला किया था जिसके लिए 25 जून को आयोजित कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया था कि तीन जिलों के लिए ही चार धाम यात्रा फिलहाल खोली जाएगी। हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है।    

हाईकोर्ट ने कही ये बात
नैनीताल हाईकोर्ट ने महामारी के बीच यात्रा संचालन में जोखिम से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई के दौरान यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह कुंभ मेले के दौरान जारी की गयी एसओपी की नकल है। कोर्ट ने  हालांकि, तीर्थ स्थलों से जुड़ी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उच्च सरकार से मंदिरों में चल रहीं रस्मों और समारोहों का देशभर में सीधा प्रसारण करने की व्यवस्था करने को कहा।

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