दिल्ली की हवा में सांस लेना हुआ दूभर, पिछले साल से भी ज्यादा खतरनाक स्तर पर पहुंची हवा की गुणवत्ता

देश
Updated Oct 31, 2019 | 11:09 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Delhi Air Quality: राजधानी दिल्ली में हवा दिन पर दिन जहरीली होती जा रही है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटी पर 2 नवंबर तक के लिए रोक लगा दी है।

delhi air pollution
दिल्ली एयर पॉल्यूशन  |  तस्वीर साभार: Twitter

नई दिल्ली : हर साल राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर खूब हो हल्ला मचाया जाता है, स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त दिल्ली बनाने की कसमें खाई जाती है लेकिन फिर से आने वाले साल में हमें दोगुनी मात्रा में प्रदूषित हवा का सामना करना पड़ता है। राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता दिन पर दिन बद से बदतर होती जा रही है। बुधवार को दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई। हालात ऐसे हो गए हैं कि सड़कों पर कली गहरी धुंध छाई हुई है जिसके कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है।

दिवाली की अगली सुबह से ही पूरे दिल्ली और आस-पास के इलाकों में खतरनाक स्तर पर वायु प्रदूषण दर्ज किया जा रहा है। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने राजधानी और आस-पास के इलाकों में 2 नवंबर तक के लिए निर्माण कार्यों और नॉन पीएनजी इंडस्ट्रीज पर रोक लगा दी है। लोधी रोड इलाके में पीएम 2.5 की मात्रा 500 दर्ज की गई जो हवा की खतरनाक श्रेणी का सूचक है।

वहीं पीएम 10 की मात्रा 343 दर्ज की गई जो बताता है कि हवा की गुणवत्ता बेहद खराब है। इसी बीच शिक्षा निदेशालय ने एक सर्कुलर जारी कर कहा है कि वर्तमान में दिल्ली में जो हवा की गुणवत्ता है वो बेहद चिंताजनक है। जारी सर्कुलर में ये साफ तौर पर निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि जब तक दिल्ली की हवा में सुधार नहीं आ जाता है तब तक स्कूलों में बाहरी गतिविधि (आउटडोर एक्टिविटी) को बंद रखा जाए। 

 

 

स्टोन क्रशिंग (पत्थर तोड़ने का काम), और निर्माण कार्यों से राजधानी में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण होता है। 30 अक्टूबर तक इन पर भी शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए थे। हालांकि हवा में सुधार नहीं देखे जाने पर इसकी समयावधि 2 नवंबर तक शाम 6 से सुबह 10 बजे तक कर दी गई है।

इसके अलावा खेतों में जलाया जाने वाला पराली भी वायु प्रदूषण का बड़ा कारण है। इसके लिए पंजाब और हरियाणा में खास तौर पर पराली जलाए जाने पर रोक लगाई गई है। यहां गौर करने वाली बात है कि पंजाब में पिछले साल की तुलना में इस बार पराली जलाने की मात्रा में खासी बढ़ोतरी हुई है जिसके कारण प्रदूषण पर भी इसका भारी असर दिख रहा है। चारों तरफ गहरी धुंध की परत छाई है। दिवाली के बाद से ही दिल्ली के लोगों को धूप नसीब नहीं हुआ है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बादल छाए हुए हैं। 

सुबह के 4 बजे ही वायु की गुणवत्ता सबसे खतरनाक स्तर पर दर्ज की गई। बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 से बढ़कर 419 हो गया। केवल दिल्ली ही नहीं, हरियाणा के गुरुग्राम और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भी AQI 478 के साथ वायु प्रदूषण उच्च स्तर पर दर्ज किया गया।   

दिवाली के पटाखों की धुंध खत्म ही होने वाली थी कि पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण ने इसे और खतरनाक स्तर पर ला खड़ा कर दिया है। मौसम विभाग अधिकारी कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि गुरुवार से धुंध की परत कम हो सकती है और इसके साथ ही हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। 

Times Now Navbharat पर पढ़ें India News in Hindi, साथ ही ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें ।

अगली खबर