COVID-19 Vaccine: बॉयनटेक के सीईओ बोले-अगले साल सर्दी तक पटरी पर आएगा जीवन  

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 17, 2020, 09:09 AM IST

जर्मनी की बॉयोएनटेक कंपनी के सीईओ ने कहा है कि उनकी कंपनी का लक्ष्य अप्रैल तक दुनिया भर में टीके का करीब 30 करोड़ डोज का वितरण करना है। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी।

COVID-19 Vaccine: बॉयनटेक के सीईओ बोले-अगले साल सर्दी तक पटरी पर आएगा जीवन  

नई दिल्ली : कोरोना वायरस को मात देने के लिए दुनिया भर में कोविड-19 के टीके पर काम चल रहा है। कई टीके अपने क्लिनिकल परीक्षण के अंतिम दौर में हैं। इसी बीच जर्मनी की बॉयोएनटेक कंपनी के सीईओ उगूर सहीन ने कहा है कि टीके की वजह से लोगों के बीच कोरोना का संक्रमण 90 प्रतिशत भले ही न सही 50 फीसदी जरूर कम हो जाएगा। जर्मनी की यह कंपनी अमेरिका दवा कंपनी फाइजर के साथ मिलकर कोरोना के एक टीके का निर्माण कर रही है। 

सभी प्रतिरक्षण कार्यक्रम सर्दी से पहले पूरे करें
बीबीसी के एक कार्यक्रम में सहीन ने कहा कि यह जरूरी है कि सभी प्रतिरक्षण कार्यक्रम सर्दी से पहले पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि साल 2021 के सर्दी के समय जन जीवन सामान्य होना शुरू होगा क्योंकि कोविड-19 की वैक्सीन अगले साल गर्मी से अपना असर दिखानी शुरू करेगी। बॉयननेट एवं फाइजर के को-फाउंडर ने पिछले सप्ताह से कहा कि उनका टीका कोविड-19 का संक्रमण रोकने में 90 फीसदी से ज्यादा कारगर है। 

यूरोप में कोरोना ने फिर सिर उठाया 
बता दें कि इस समय यूरोप और अमेरिका में कोरोना संकट नए सिरे से पैर पसार चुका है। इस महामारी पर रोक लगाने के लिए यूरोप के देश अपने यहां लॉकडाउन जैसे उपायों को दोबारा लागू कर रहे हैं। फाइजर एवं बॉयनटेक की ओर से विकसित किया जा रहा 10 लाख टीका 2020 के अंत तक ब्रिटेन को मिलने वाला है। इसके अलावा ब्रिटेन ने अतिरिक्त 30 मिलियन टीके का ऑर्डर दिया है। सहीन का कहना है कि यदि सबकुछ तय कार्यक्रम के अनुसार चलता रहा तो उनके टीके का वितरण इस साल के अंत में शुरू हो जाएगा। 

30 करोड़ से ज्यादा डोज का वितरण करेगी कंपनी
सहीन ने आगे कहा कि उनकी कंपनी का लक्ष्य अप्रैल तक दुनिया भर में टीके का करीब 30 करोड़ डोज का वितरण करना है। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में संक्रमण में कमी आएगी और इसके बाद सर्दी से पहले बड़े पैमाने पर टीकाकरण होगा। इसलिए जरूरी हैं कि सभी प्रतिरक्षण कार्यक्रम अगले साल सर्दी शुरू होने से पहले पूरे कर लिए जाएं।

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