अमित शाह से आज मिलेंगे कैप्टन अमरिंदर, कृषि कानूनों पर सरकार के साथ किसानों की भी अहम बैठक 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 3, 2020, 07:29 AM IST

किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं तब तब वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। हरियाणा और पंजाब के किसान सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर जमे है।

अमित शाह से आज मिलेंगे कैप्टन अमरिंदर, कृषि कानूनों पर सरकार के साथ किसानों की भी अहम बैठक 

नई दिल्ली : सरकार के साथ किसानों के प्रतिनिधियों की दूसरी दौर का महत्वपूर्ण वार्ता होने से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे। नए कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है। बताया जाता है कि गृह मंत्री के साथ कैप्टन की बैठक सुबह 10 बजे हो सकती है। इसके पहले बुधवार को शाह की बैठक केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ हुई। 

विज्ञान भवन में हुई बातचीत
कुछ रिपोर्टों के मुताबिक किसानों के कुछ नेताओं का कहना है कि उन्हें शाह का फोन आया जिसमें कहा गया कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है। गत एक दिसंबर को विज्ञान भवन में किसानों के 35 प्रतिनिधिमंडलों के साथ केंद्रीय मंत्री तोमर एवं पीयूष गोयल की बैठक हुई। कृषि कानूनों पर बने गतिरोध का हल निकालने के लिए सरकार ने किसानों के समक्ष एक समिति बनाने का प्रस्ताव दिया लेकिन किसान नेताओं ने इस पेशकश को ठुकरा दिया। किसानों का कहना है कि सरकार को पहले तीनों कानूनों को वापस लेना चाहिए। 

सरकार ने कहा-बातचीत अच्छी हुई
सरकार का कहना है कि किसानों के प्रतिनिधियों के साथ उसकी 'अच्छी' बातचीत हुई है। दोनों पक्षों ने बातचीत आगे जारी रखने पर सहमति जताई है। ऐसे में किसानों के प्रतिनिधिमंडलों एवं सरकार के बीच होने वाली बैठक काफी अहम है। उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार दिल्ली सीमा पर जमे किसानों का प्रदर्शन खत्म कराने के लिए उन्हें भरोसे में ले सकती है। 

मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन करेंगे किसान 
किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं तब तब वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। हरियाणा और पंजाब के किसान सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर जमे है। किसानों का कहना है कि वे इस बार 'निर्णायक लड़ाई' के लिए आए हैं। दिल्ली सीमा पर किसानों के जमावड़े को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है। किसानों के आंदोलन के चलते राजधानी में फल एवं सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। दिल्ली यातायात पुलिस को कई मार्गों में बदलाव करने पड़े हैं। 

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