लॉकडाउन में ज्यादातर महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हुईं : असदुद्दीन ओवैसी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 22, 2021, 07:40 AM IST

Asaduddin Owaisi : एआईएमआईएम नेता ने कहा, 'लॉकडाउन के दौरान महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हुई हैं। उनके खिलाफ हिंसा रुकनी चाहिए और ऐसा तभी होगा जब उन्हें पुरुषों के बराबर अधिकार और हक दिया जाए।'

लॉकडाउन में ज्यादातर महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हुईं : असदुद्दीन ओवैसी

हैदराबाद : ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान कई महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हुईं। हैदराबाद शहर पुलिस ने रविवार को जहरानगर में 'भरोसा संटेर' की शुरुआत की। इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि महिलाएं तरह-तरह की हिंसा का शिकार होती हैं। यह हिंसा लॉकडाउन के दौरान ज्यादा देखी गई, ज्यादातर महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हुईं। 

महिलाओं को पुरुषों की तरह मिले हक-ओवैसी
एआईएमआईएम नेता ने कहा, 'लॉकडाउन के दौरान महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हुई हैं। उनके खिलाफ हिंसा रुकनी चाहिए और ऐसा तभी होगा जब उन्हें पुरुषों के बराबर अधिकार और हक दिया जाए।'

'भरोसा केंद्रों' से हिंसा रोकने में मदद मिलेगी
उन्होंने कहा, 'इन भरोसा केंद्रों से महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने में मदद मिलेगी। इस आधी आबादी के खिलाफ हिंसा और प्रताड़ना रोकने के लिए सभी लोगों को आगे आना चाहिए।' हैदराबाद शहर के पुलिस कमिश्नर अंजनी कुमार ने कहा कि नौकरीपेशा महिलाओं की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। ऐसे में उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराना जरूरी है। तेलंगाना के राज्य मंत्री महमूद अली ने कहा कि हैदराबाद में 'भरोसा केंद्र' खुलता देख उन्हें अच्छा लग रहा है। मंत्री ने कहा कि इस तरह के कंद्रों से महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने में मदद मिलेगी। 

तेलंगाना सरकार ने महिला सशक्तिकरण किया
उन्होंने कहा, 'महिलाओं को पुरुषों की तरह समान हक मिलना चाहिए। महिला सशक्तिकरण की दिशा में तेलंगाना सरकार ने कई कदम उठाए हैं। राज्य में 50 प्रतिशत कॉरपोरेटर्स महिलाएं हैं। हैदराबाद शहर की मेयर और डेप्युटी मेयर महिलाएं हैं।'

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