'मदरसे स्वतंत्रता आंदोलन में सबसे आगे थे, अनपढ़ संघी नहीं समझेंगे'; ओवैसी ने किया हिमंत बिस्वा सरमा पर पलटवार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 23, 2022, 08:06 PM IST

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मदरसा का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि जब ​​तक यह मदरसा दिमाग में रहेगा, बच्चे कभी डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बन सकते। इस पर असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार किया है।

'मदरसे स्वतंत्रता आंदोलन में सबसे आगे थे, अनपढ़ संघी नहीं समझेंगे'; ओवैसी ने किया हिमंत बिस्वा सरमा पर पलटवार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का मदरसा को लेकर दिया गया बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ये मदरसा शब्द ही विलुप्त हो जाना चाहिए। इसी को लेकर अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरमा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि असम में 18 लोग मारे गए हैं और 7 लाख बाढ़ से प्रभावित हुए हैं लेकिन ये हेट स्पीच में व्यस्त हैं।

ओवैसी आगे लिखते हैं कि जब संघी ब्रिटिश एजेंट के रूप में काम कर रहे थे, तब मदरसे स्वतंत्रता आंदोलन में सबसे आगे थे। इस्लाम के अलावा कई मदरसे विज्ञान, गणित और सामाजिक अध्ययन पढ़ाते हैं। शाखाओं के विपरीत वे स्वाभिमान और सहानुभूति सिखाते हैं। अनपढ़ संघी नहीं समझेंगे। हिंदू समाज सुधारक राजा राम मोहन राय मदरसे में क्यों पढ़ते थे? मुस्लिम वंश पर ध्यान देना आपकी हीन भावना को दर्शाता है। मुसलमानों ने भारत को समृद्ध किया है और आगे भी करते रहेंगे। 

असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि जब तक ये मदरसा दिमाग में घूमता रहेगा तब तक बच्चा कभी डॉक्टर-इंजीनियर नहीं बनेगा। मदरसे में बच्चों को भेजना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। नॉर्मल एजुकेशन होना चाहिए, घर पर आप धार्मिक शिक्षा दीजिए। सरमा ने कहा कि बच्चे मदरसे में जाने के लिए तैयार नहीं होंगे, यदि उन्हें बताया जाए कि वे वहां पढ़ने के बाद डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बन पाएंगे। 
असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा बोले-  मदरसा शब्द का अब अस्तित्व समाप्त होना चाहिए

सरमा ने बाद में ट्वीट किया कि मैं हमेशा वहां मदरसों के नहीं होने की वकालत करता हूं जहां औपचारिक शिक्षा पर धार्मिक झुकाव को अधिक प्राथमिकता दी जाती है। प्रत्येक बच्चे को विज्ञान, गणित और आधुनिक शिक्षा के अन्य विषयों के ज्ञान से अवगत कराया जाएगा।

End of Article