दिल्ली के बाद अब पंजाब की शराब नीति भी सवालों के घेरे में, '500 करोड़' रुपए के घोटाले का बड़ा आरोप

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 26, 2022, 08:59 AM IST

Punjab Excise Policy: सुखबीर सिंह बादल ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने दिल्ली मॉडल के मुताबिक ही आबकारी नीति तैयार की। साथ ही आरोप लगाया कि राजकोष को लूटने का तौर-तरीका एक ही है।

दिल्ली के बाद अब पंजाब की शराब नीति भी सवालों के घेरे में, '500 करोड़' रुपए के घोटाले का बड़ा आरोप
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Punjab Excise Policy: दिल्ली की शराब नीति में कथित भ्रष्टाचार को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच खींचतान के बीच अब शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब आबकारी नीति में 500 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है। गुरुवार को सुखबीर सिंह बादल ने इस मामले में सीबीआई और ईडी से जांच कराने की मांग की।

पंजाब आबकारी नीति में 500 करोड़ रुपए का घोटाला- सुखबीर सिंह बादल

सुखबीर सिंह बादल ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने दिल्ली मॉडल के मुताबिक ही आबकारी नीति तैयार की। साथ ही आरोप लगाया कि राजकोष को लूटने का तौर-तरीका एक ही है। अकाली दल के प्रमुख ने कहा कि वह पंजाब के राज्यपाल से मिलकर उनसे मामले में कार्रवाई करने का अनुरोध करेंगे।

पंजाब में भी शराब का पूरा कारोबार दो कंपनियों को सौंपा गया- सुखबीर सिंह बादल

उन्होंने कहा कि अब जब दिल्ली आबकारी घोटाले में एफआईआर दर्ज की गई है तो पंजाब के मामले में भी ऐसा ही किया जाना चाहिए। नीति निर्माता और नीति निर्माता समान हैं। सरकारी खजाने को लूटने का तरीका एक ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की तरह पंजाब में भी शराब का लगभग पूरा कारोबार दो कंपनियों को सौंप दिया गया। 

अकाली दल के प्रमुख ने आगे दावा किया कि दोनों कंपनियों के लाभ मार्जिन को दोगुना कर दिया गया। दिल्ली आबकारी नीति को लेकर दिल्ली में बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच तीखी नोकझोंक के बीच ये बात सामने आई है। पिछले हफ्ते सीबीआई ने आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर भी छापेमारी की थी। 

वहीं पिछले हफ्ते पंजाब विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पार्टी के अन्य नेताओं के साथ कहा था कि वे पंजाब में आबकारी नीति की जांच की मांग को लेकर राज्यपाल से मिलेंगे।

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