Hathras पीड़िता के परिवार को अपना घर ऑफर कर बोले संजय सिंह- योगी राज के खौफ में रहने की जरूरत नहीं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 18, 2020, 08:42 AM IST

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने हाथरस पीड़िता के परिवार को रहने के लिए दिल्ली स्थित अपना घर ऑफर किया है। उन्होंने कहा कि परिवार को योगी राज के खौफ में रहने की जरूरत नहीं है।

Hathras पीड़िता के परिवार को अपना घर ऑफर कर बोले संजय सिंह- योगी राज के खौफ में रहने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने कहा है कि हाथरस पीड़िता के परिवार को आदित्यनाथ राज के खौफ में रहने की ज़रूरत नहीं है। संजय सिंह ने पीड़िता के परिवार को अपना दिल्ली स्थित घर रहने के लिए ऑफर किया है और इस संबंध में में उन्होंने पीड़िता के परिवार से भी बात की है। इससे पहले पीड़िता के परिवार ने भी हाथरस को छोड़कर दिल्ली में शिफ्ट होने की बात कही थी और मांग की थी कि केस को भी दिल्ली में शिफ्ट किया जाए।

संजय सिंह का ट्वीट

संजय सिंह ने ट्वीट कर बताया, 'मैं हाथरस की गुड़िया के परिवार को दिल्ली स्थित अपने आवास पर साथ रखने को तैयार हूँ उन्हें आदित्यनाथ राज के ख़ौफ़ में रहने की ज़रूरत नही मैंने गुड़िया के चाचा से फ़ोन पर बात करके अनुरोध किया है।' इतना ही नहीं बलिया की घटना पर भी योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए संजय सिंह ने कहा, 'आदित्यनाथ जी ज़रा ध्यान से सुनिये अपने विधायक का बयान, खुलेआम जातीय हिंसा भड़काना इसको कहते हैं क्या पाल समाज ने आपको वोट देकर गुनाह कर दिया? क्या आपके राज में उनको जीने का हक़ नही?'

परिवार ने की थी दिल्ली शिफ्ट होने की बात
इससे पहले पीड़िता के परिवार ने भी केस के साथ- साथ परिवार के दिल्ली शिफ्ट होने की इच्छा जाहिर की थी। पीड़िता के परिवार ने हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के सामने केस को यूपी से दिल्ली शिफ्ट करने की मांग की थी। पीड़िता के भाई का कहना है कि यदि दिल्ली में केस ट्रांसफर हो जाता है तो इसकी पैरवी बेहतर तरीके से हो सकती हैं।

14 सितंबर को हुई थी घटना
आपको बता दें कि हाथरस के एक गांव में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित लड़की से चार लड़कों ने कथित रूप से बलात्कार किया था। पीड़िता की 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पीड़ित की 30 सितंबर को रात के अंधेरे में उसके घर के पास ही अंत्येष्टि कर दी गयी थी। उसके परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने जल्द से जल्द उसका अंतिम संस्कार करने के लिये मजबूर किया। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना था कि परिवार की इच्छा के मुताबिक ही अंतिम संस्कार किया गया।

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