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Anji Khad Bridge: देश का ये पहला केबल रेल ब्रिज है इंजीनियरिंग का नायाब नमूना, 5 प्वाइंट्स में जानिए खासियतें

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Mar 28, 2023, 04:57 PM IST

अंजी खड पुल को शुरू में एक आर्च ब्रिज के रूप में प्रस्तावित किया गया था, जो कि सबसे ऊंचे चेनाब ब्रिज के समान ही डिजाइन किया गया था। जानिए इसकी खासियतें।

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देश का पहला केबल-ब्रिज अंजी खड पुल

Photo : PTI

Anji Khad Bridge: देश का पहला केबल-ब्रिज अंजी खड पुल अभी निर्माणाधीन है। अंजी खड पुल का निर्माण केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के रियासी जिले में किया जा रहा है। अंजी खड ब्रिज जम्मू से करीब 80 किमी दूर स्थित है। 725 मीटर लंबा ये पुल किसी इंजीनियरिंग चमत्कार से कम नहीं है। अपनी खासियतों की वजह से यह देश भर में ध्यान आकर्षित कर रहा है।

Rail cable Bridge

Rail cable Bridge

अंजी खड पुल को शुरू में एक आर्च ब्रिज के रूप में प्रस्तावित किया गया था, जो कि सबसे ऊंचे चेनाब ब्रिज के समान ही डिजाइन किया गया था। बाद में एक समिति ने सिफारिश की कि जटिल संरचना के कारण ये जगह आर्च ब्रिज के लिए उपयुक्त नहीं है। 2016 में भारतीय रेलवे ने भौगोलिक दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए एक केबल-स्टे ब्रिज बनाने का फैसला किया। प्रस्तावित पुल कटरा की तरफ टी2 टनल और रियासी की तरफ टी3 टनल को जोड़ेगा। केबल ब्रिज से कुछ अहम तथ्य जानिए।

  • अंजी खड ब्रिज भारतीय रेलवे द्वारा शुरू की गई सबसे कठिन परियोजनाओं में से एक है। यह पुल जम्मू-बारामूला लाइन के कटरा और रियासी खंड को जोड़ेगा।
  • पुल जम्मू शहर से सड़क मार्ग से लगभग 80 किमी दूर है। यह हिमालय के सुरम्य पहाड़ों में स्थित है। जटिल, नाजुक और चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय विशेषताओं के कारण, आईआईटी, रुड़की और आईआईटी, दिल्ली द्वारा साइट की विशिष्ट जांच की गई।
  • उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के कटरा-बनिहाल खंड पर एक केंद्रीय तोरण की धुरी पर संतुलित विषम केबल-स्टे ब्रिज सुरंग T2 और T3 को जोड़ता है।
  • पुल की भौगोलिक स्थिति की जटिल प्रकृति के कारण यह काफी मजबूती से बनाया गया है। यह 213 किमी प्रति घंटे की हवा का सामना कर सकता है। पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना की राष्ट्रीय परियोजना का एक हिस्सा है।
  • रिपोर्ट्स के अनुसार, अंजी खड पुल पूरा हो जाने के बाद एफिल टॉवर से भी ऊंचा हो जाएगा। पुल की कुल लंबाई 725 मीटर है, जिसमें केबल से जुड़ा हिस्सा 473.25 मीटर का है। इसमें 96 केबल का सपोर्ट है, जो इसे देश का सबसे लंबा केबल-स्टे ब्रिज बनाता है। एक बार पूरा होने पर पुल पर ट्रेनें 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी।
अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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