Manipur Violence: मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने आज पहली बैठक बुलाई है। ये समीक्षा बैठक सुबह 11 बजे नॉर्थ ब्लॉक गृहमंत्रालय में होगी। अमित शाह मणिपुर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे। गृहमंत्री के साथ बैठक में मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, मणिपुर सरकार के अधिकारी, सेना के अधिकारी,अर्धसैनिक बल के शीर्ष अधिकारी भी शामिल होंगे। बता दें, 9 फरवरी को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद ये मीटिंग होने जा रही है। राज्य के राज्यपाल से रिपोर्ट मिलने के बाद 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था।
क्षेत्र में सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर होगी चर्चा
भारत के राजपत्र में प्रकाशित और केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी उद्घोषणा में कहा गया है कि मणिपुर विधानसभा की शक्तियों को संसद में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जिससे राज्य सरकार का अधिकार प्रभावी रूप से निलंबित हो जाएगा। पिछले साल नवंबर में अमित शाह ने मणिपुर में वर्तमान सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विस्तृत उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई थी। राज्य में हाल के घटनाक्रमों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें शीर्ष अधिकारियों ने चल रही चुनौतियों और प्रतिक्रिया उपायों का व्यापक मूल्यांकन प्रदान किया।
बैठक में क्षेत्र को स्थिर करने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया। अमित शाह ने बैठक के दौरान मणिपुर में सुरक्षा तैनाती की समीक्षा की और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) तथा राज्य पुलिस अधिकारियों को क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया । पिछले साल 3 मई को पूर्वोत्तर राज्य में हिंसा भड़क उठी थी, जब अखिल आदिवासी छात्र संघ (एटीएसयू) द्वारा मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में शामिल करने की मांग के विरोध में आयोजित एक रैली के दौरान झड़पें हुईं।
