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'हम महिला आरक्षण बढ़ाकर 50 फीसदी करने को तैयार', लोकसभा में अमित शाह के भाषण की बड़ी बातें

Amit shah Speech in Parliament Special Session (अमित शाह का भाषण महिला आरक्षण कानून पर): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए विपक्षियों पर जमकर प्रहार किया।

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

Parliament Special Session (अमित शाह का भाषण, संसद के विशेष सत्र में): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए विपक्षियों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि इस चर्चा को बारीकी से सुनेगा तो महिला आरक्षण का किसी ने विरोध नहीं किया है। सभी ने बोलने के लिए तो कहा है कि हम महिला आरक्षण संशोधन का स्वागत करते हैं, लेकिन अगर बारीकी से देखें तो इंडी अलायंस से सभी सदस्यों ने अगर, मगर, किंतु, परंतु का इस्तेमाल करके स्पष्ट रूप से महिला आरक्षण का विरोध किया है।

विपक्ष पर जमकर बरसे अमित शाह

उन्होंने कहा कि कई जगहों पर ऐसा दिखाई दिया कि विरोध हमारी दृष्टिकोण की जगह, हमारी कार्यान्वयन पर है, लेकिन मैं देशवासियों को स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह विरोध कार्यान्वयन का नहीं, बल्कि महिला आरक्षण का ही है। उन्होंने कहा कि बिल के तरीकों का नहीं, बल्कि बिल के तत्व का, महिलाओं के आरक्षण का विरोध हो रहा है। इन तीन बिलों का उद्देश्य मैं स्पष्ट करना चाहता हूं।

पहला उद्देश्य- महिला सशक्तिकरण करने वाले इस संविधान सुधार को समयबद्ध तरीके से लागू करके 2029 का लोकसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ कराया जाए। दूसरा उद्देश्य- एक व्यक्ति, एक वोट और एक मूल्य के सिद्धांत को लागू किया जाए। इस पूरे सदन में 543 सदस्य बैठते हैं। किसी की सीट में वोटर्स की संख्या 39 लाख हैं तो किसी में 60 हजार हैं और बहुत सारी सीटें ऐसी हैं कि 70 के दशक में फ्रीज हो गया है तो अबतक इतनी बड़ी हो चुकी हैं कि सांसद अपने वोटर्स को मुंह तक नहीं दिखा सकता है।

'परिसीमन होगा तो SC/ST की सीटें भी बढ़ेंगी'

अमित शाह ने कहा कि मतदाताओं की अपेक्षाएं और समस्याएं होती हैं और उन समस्याओं के निवारण के लिए वह सांसद के पास जाना चाहता है... लेकिन ज्यादा संख्या में वोटर्स होने की वजह से वह अपनी जिम्मेदारियों का कैसे निर्वहन करें। इसी विषय को लेकर हमारे संविधान में समय-समय पर परिसीमन का प्रावधान किया गया है और परिसीमन के प्रावधान से ही SC/ST की संख्या बढ़ती है तो उनकी सीटें भी बढ़ने का प्रावधान है। एक प्रकार से जो परिसीमन का विरोध कर रहे हैं, वो SC/ST सीटों की बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं।

कितनी सीटों पर हैं 20 लाख से ज्यादा वोटर्स?

विपक्षियों के हंगामे के बीच अमित शाह ने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में जिक्र है कि 2026 के बाद होने वाली जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा, ''काफी सदस्यों ने पूछा कि बिल लाते समय 2026 के बाद की जनगणना का जिक्र क्यों किया। हमने इसका जिक्र नहीं किया। 1971 में इंदिरा गांधी की सरकार थी तब सीटों को फ्रीज किया गया था।''

उन्होंने कहा कि जब फ्रीज की हुई सीटों की संख्या को उठाएंगे तभी नारी शक्ति वंदन अधिनियम का कार्यान्वयन होता है। इसलिए हम यह बिल लेकर आए। इस दौरान, अमित शाह ने कुछ चुनिंदा सीटों का जिक्र किया, जहां वोटर्स की संख्या बहुत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि मलकाजगिरी (तेलंगाना) में 48 लाख मतदाता, बेंगलुरू उत्तर में 29 लाख, बेंगलुरू दक्षिणी में 29 लाख, गाजियाबाद में 28 लाख और उत्तर पश्चिम दिल्ली में 27 लाख मतदाता हैं। ऐसी 127 सीटें हैं, जिसमें 20 लाख से ज्यादा मतदाता हैं।

शाह ने विपक्षियों से की खास अपील

इस दौरान, अमित शाह ने विपक्षियों से परिसीमन के लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि परिसीमन के लिए हमारा भरोसा करें और उसे करने दें तो यह आंकड़ें एक सामन हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि 1972 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने परिसीमन विधेयक लाकर सीटों को 525 से बढ़ाकर 545 की। इसके बाद इसको फ्रीज कर दिया गया।

इंदिरा जी प्रधानमंत्री थीं, उन्होंने कानून लाकर परिसीमन पर रोक लगाई, लेकिन आज ये कितने शक्तिशाली हैं कि विपक्ष में बैठकर परिसीमन पर रोक लगाना चाह रहे हैं। उस वक्त भी कांग्रेस ने ही परिसीमन से देश की जनता को वंचित रखा था और आज भी कांग्रेस ही परिसीमन से देश की जनता को वंचित कर रही है।

समय पर क्यों नहीं हुई जनगणना?

अमित शाह ने कहा कि कुछ सदस्यों ने सवाल उठाया कि जनगणना समय पर क्यों नहीं हुई। सबको मालूम है कि 2021 में जनगणना होनी थी और 2021 में ही इस सदी की सबसे बड़ी महामारी, कोविड का संकट आया, जिसके कारण जनगणना संभव नहीं हो पाई।

उन्होंने कहा कि कोविड संकट समाप्त होने के बाद देश को इससे उभरने में काफी समय लगा। जब 2024 में जनगणना की शुरुआत हुई, तब कुछ दलों ने उचित ही मांग की कि जाति के आधार पर जनगणना करनी चाहिए। सरकार ने अनेक दलों, जाति समूहों, राज्य सरकारों और कई सामाजिक समूहों के साथ चर्चा की और निर्णय किया कि हम जाति जनगणना कराएंगे। और इस निर्णय के बाद अब जनगणना हो रही है।

जाति जनगणना हो चुकी है शुरू

इस दौरान, अमित शाह ने सदन को स्पष्ट किया कि जाति जनगणना शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा, ''जब से यह बिल आया है, तब से विपक्ष ने कुछ भ्रांतियां फैलाना शुरू किया है कि जाति जनगणना को टालने के लिए सरकार संविधान संशोधन लेकर आई है। मैं बताना चाहता हूं कि तीन माह पहले ही हम जाति जनगणना का पूरा टाइम टेबल घोषित कर चुके हैं, टालने का सवाल ही नहीं है। जाति जनगणना शुरू हो चुकी है, उसका पहला चरण चल रहा है।''

उन्होंने विपक्षियों द्वारा दक्षिण के साथ अन्याय से जुड़ी बात पर कहा कि कल मुझे थोड़ा भय लगा कि दक्षिण बनाम उत्तर का नैरेटिव नहीं होना चाहिए। मैं स्पष्ट कर देता हूं कि दक्षिण के राज्यों का इस सदन पर उतना ही अधिकार है, जितना उत्तर के राज्यों का है। इस देश को उत्तर-दक्षिण के नैरेटिव से अलग नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम जब शपथ लेते हैं तो मन से लेते हैं। जो संविधान हाथ में लेकर शपथ लिए हैं, वे उत्तर-दक्षिण का भेद कराना चाह रहे हैं। यह हम नहीं होने देंगे।

दक्षिण राज्यों की कितनी बढ़ेंगी सीटें

अमित शाह ने कहा कि कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल, इन पांच राज्यों की 543 सीटों में वर्तमान संख्या 129 है, जिसका प्रतिशत 23.76 बनता है। अब वृद्धि के बाद जब इन पांचों राज्यों का आवंटन किया जाता है, तो सीटों की संख्या 129 से बढ़कर 195 हो जाएगी। 816 में इसका प्रतिशत निकालेंगे तो 23.87 आएगा। पहले 23.76 प्रतिशत था और अब 23.87 होगा। किसी का कोई नुकसान नहीं होगा।

कांग्रेस पर बरसे अमित शाह

उन्होंने कहा कि मैं इस देश की मातृशक्ति से कहना चाहता हूं कि राहुल गांधी की अनुपस्थिति में कांग्रेस पार्टी ने जो प्रस्ताव रखा है, वह एक सुनियोजित जाल है, जिससे महिला आरक्षण को फिर से 2029 से पहले लागू न होने दिया जाए। इसलिए ये जो कहते हैं कि हमारे राज्यों को समान भार होना चाहिए, मैं सहमत हूं। महिला आरक्षण 2029 से पहले होना चाहिए। 2029 के बाद ले जाने के लिए इनके षड्यंत्र को हम सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि अगर ये वोट नहीं देंगे तो महिला आरक्षण बिल गिर जाएगा, लेकिन देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है।

आरक्षण पर क्या बोले अमित शाह

इस दौरान, अमित शाह ने एक बात स्पष्ट कर दी कि हम धर्म के आधार पर आरक्षण को सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा, ''यहां कुछ सदस्यों ने भ्रांति फैलाई कि मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए। मैं यहां संविधान की नीतियों को स्पष्ट करना चाहता हूं। भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को स्वीकार नहीं करता है। इंडी अलायंस वाले तुष्टिकरण की राजनीति के कारण मुस्लिम आरक्षण की मांग खड़ी करना चाहते हैं और ये संविधान की बात करते हैं। कोई मुझे बता दे कि संविधान के किस अनुच्छेद में धर्म के आधार पर आरक्षण का प्रावधान है।''

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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