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'बिना वजह ही घसीटा पीएम मोदी का नाम', खड़गे की टिप्पणी पर भड़के अमित शाह; सुनाई खरी-खोटी

Shah vs Kharge: अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर पलटवार करते हुए कहा है कि उन्होंने अपनी कटुता का परिचय देते हुए अपने निजी स्वास्थ्य मामलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अनावश्यक रूप से घसीटा। उनकी टिप्पणी दिखाती है कि कांग्रेस के मन में पीएम मोदी के लिए कितनी नफरत और डर है।

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पीएम मोदी, अमित शाह और मल्लिकार्जुन खड़गे।

Amit Shah Slams Mallikarjun Kharge: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जम्मू-कश्मीर में एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को सोमवार को 'अत्यंत खराब और अपमानजनक' करार दिया। शाह ने कहा कि 'कटु तरीके से नफरत दिखाते हुए' खड़गे ने यह कहकर अपने निजी स्वास्थ्य के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम बिना वजह ही घसीटा कि वह मोदी को सत्ता से हटाने से पहले नहीं मरेंगे।

'मोदी को सत्ता से हटाने से पहले नहीं मरूंगा'

जम्मू-कश्मीर के जसरोटा में रविवार को आयोजित एक रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की तबीयत खराब हो गई, लेकिन कुछ देर रुकने के बाद उन्होंने अपना भाषण जारी रखा और सत्तारूढ़ दल पर हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने से पहले वह मरेंगे नहीं। खड़गे ने कांपती आवाज में कहा, 'जब हमारी सरकार आएगी तो हम आतंकवाद को खत्म कर देंगे।' इसके बाद वह कुछ देर के लिए रुके, जिसके बाद मंच पर मौजूद उनके सहयोगी और अन्य लोग उनके पास आए और उन्हें कुर्सी पर बैठने में मदद की।

'अत्यंत खराब और अपमानजनक व्यवहार'

रैली स्थल पर चिकित्सा सहायता मिलने के बाद खड़गे ने कहा, 'हम राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए लड़ेंगे। कुछ भी हो, हम इसे छोड़ने वाले नहीं हैं। मैं 83 साल का हो गया हूं, मैं इतनी जल्दी मरने वाला नहीं हूं। जब तक (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी को सत्ता से नहीं हटाएंगे, तब तक मैं जिंदा ही रहूंगा। आपकी बात सुनूंगा। आपके लिए लड़ूंगा।' शाह ने खड़गे की इस टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी ने अपने भाषण में कल 'अत्यंत खराब और अपमानजनक व्यवहार' किया।

'पीएम मोदी को अनावश्यक रूप से घसीटा'

शाह ने लिखा, 'कटु तरीके से नफरत दिखाते हुए उन्होंने अपने निजी स्वास्थ्य के मामले में प्रधानमंत्री मोदी को अनावश्यक रूप से घसीटा और कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी को हटाने से पहले नहीं मरेंगे।' उन्होंने कहा कि खड़गे की टिप्पणी से पता चलता है कि कांग्रेस के लोगों में प्रधानमंत्री मोदी के प्रति कितनी नफरत और डर है तथा वे लगातार उन्हीं के बारे में सोचते रहते हैं। मंत्री ने कहा, 'जहां तक खड़गे जी के स्वास्थ्य का सवाल है, तो मोदी जी, मैं और हम सभी प्रार्थना करते हैं कि वह दीर्घायु हों और स्वस्थ जीवन जिएं। वह अनेक वर्षों तक जीवित रहें । वह 2047 तक विकसित भारत का निर्माण होता देखने के लिए जीवित रहें।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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