Halal Certification Ban in India: उत्तर प्रदेश में हलाल सर्टिफाइड उत्पादों की बिक्री पर बैन लगा दिया गया है। इसके बाद बिहार में भी इस पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग उठ रही है। बीते दिनों केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर हलाल प्रमाणित उत्पादों की बिक्री पर बैन लगाए जाने की मांग की थी। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि 2024 के लोकसभा चुनाव में यह बड़ा मुद्दा बन सकता है और केंद्र सरकार भी इस पर बैन लगा सकती है।
हालांकि, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हलाल उत्पादों पर प्रतिबंध के सवालों पर सरकार का रुख साफ किया है। अमित शाह ने शनिवार को तेलंगाना में एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हलाल पर प्रतिबंध लगाने का अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। यह बात शाह ने तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान कही।
बीआरएस सरकार पर साधा निशाना
इस दौरान अमित शाह ने तेलंगाना में मुख्यमंत्री केसीआर के नेतृत्व वाली बीआरएस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, राज्य सरकार ने पिछले 10 सालों में केवल भ्रष्टाचार किया है और लोगों के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। आज युवा, किसान, दलित और पिछड़े वर्ग के लोग पूरी तरह निराश हैं। राज्य के लोगों को मानना है कि बीआरएस ने भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं किया। बता दें, तेलंगाना में 30 नवंबर को मतदान होना है।
क्या है हलाल बैन का मुद्दा?
बता दें, बीते 18 नवंबर को उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की सीमा के अंदर सभी हलाल-सर्टिफाइड प्रोडकट्स के उत्पादन, स्टोरेज, वितरण और बिक्री पर रोक लगा दी थी। यह रोक हलाल प्रोडक्ट के खिलाफ एक एफआईआर के बाद लगाई गई थी। आशंका जताई गई कि हलाल प्रोडक्ट के जरिए देश विरोधी गतिविधियों के लिए फंडिंग की जा रही थी। उधर, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी हलाल प्रोडक्ट को लेकर जांच किए जाने की मांग की है।
