GE-F404-IN20 engine : अमेरिकी कंपनी GE एयरोस्पेस ने अपना चौथा एफ 404 आईएन 20 इंजन हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को सौंप दिया है। यह आपूर्ति 20 सितंबर 2021 को मिले उसे ऑर्डर के तहत हुई है। जीई द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे ये इंजन लॉइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) मार्क 1A (तेजस) में लगेंगे। इन लड़ाकू जहाजों को निकट भविष्य में भारतीय वायु सेना में शामिल किया जाएगाी। 2021 में हुए इस रक्षा करार के तहत जीई इस तरह के 99 इंजन HAL को आपूर्ति करेगी।
बीते 11 सितंबर को मिला तीसरा इंजन
लंबी देरी के बाद जीई ने अपने इंजन आपूर्ति में तेजी लाई है। बीते 11 सितंबर को, एचएएल (HAL) को एलसीए मार्क-1ए के लिए तीसरा जीई-404 इंजन प्राप्त हुआ। एचएएल ने एक बयान में कहा, 'एचएएल को एलसीए Mk1A के लिए तीसरा GE-404 इंजन प्राप्त हो गया है। एक और इंजन सितंबर 2025 के अंत तक डिलीवर किया जाना तय है। इंजन सप्लाई चेन में सुधार एलसीए Mk1A विमान की डिलीवरी का मार्ग प्रशस्त करेगा।'
IAF की दो स्क्वॉड्रन में शामिल है तेजस मार्क 1
भारतीय वायुसेना (IAF) ने 83 एलसीए मार्क 1ए लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया था, जिसके बाद रक्षा मंत्रालय ने इन विमानों में से 97 और खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। वर्तमान में, तेजस मार्क 1 भारतीय वायुसेना की दो स्क्वॉड्रन में शामिल है—नंबर 18, फ्लाइंग बुलेट्स, और नंबर 45, फ्लाइंग डैगर्स।
तेजस मार्क-1A की ताकत
यह तेजस मार्क-1 की तुलना में कई आधुनिक तकनीकों और क्षमताओं से लैस है। इसमें उन्नत रडार सिस्टम AESA से लैस है, जो मल्टी-टारगेट ट्रैकिंग और लंबी दूरी पर सटीक हमले की क्षमता देता है। यह कई तरह की मिसाइलें (BVRAAM, ASRAAM), प्रिसिजन-गाइडेड बम और लेजर-गाइडेड हथियार ले जाने में सक्षम है। इसमें अत्याधुनिक आत्मरक्षा प्रणाली है, जो दुश्मन के रडार और मिसाइल हमलों से बचाव कर सकती है। यह एक मल्टी-रोल फाइटर जेट है, यानी हवाई युद्ध और ज़मीनी लक्ष्यों पर सटीक हमला दोनों कर सकता है।
