देश

इलाहाबाद HC ने कहा, इस्लाम में शादी से पहले सेक्स हराम, लिव-इन जोड़े की याचिका ठुकराई

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jun 25, 2023, 10:22 AM IST

न्यायाधीश संगीता चंद्रा और नरेंद्र कुमार जौहरी की खंडपीठ ने कहा कि इस्लामी कानून विवाहेतर यौन संबंध को मान्यता नहीं देता है।

Image

Court on Islam and sex

Photo : ANI

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने हाल ही में एक अंतरधार्मिक याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इस्लाम विवाह से पहले यौन संबंध बनाने और साथ ही वासना या प्यार प्रदर्शित करने वाले कार्यों की मनाही करता है। अदालत ने कहा कि इस्लाम में किसी भी विवाह पूर्व कार्य जैसे चुंबन, स्पर्श और यहां तक कि घूरने की भी अनुमति नहीं देता है। अपनी याचिका में एक लिव-इन जोड़े ने कथित पुलिस उत्पीड़न से सुरक्षा मांगी थी। न्यायाधीश संगीता चंद्रा और नरेंद्र कुमार जौहरी की खंडपीठ ने कहा कि इस्लामी कानून विवाहेतर यौन संबंध को मान्यता नहीं देता है।

पुलिस से सुरक्षा की मांग करने वाली दंपति की याचिका पर यह फैसला आया। इन्होंने आरोप लगाया कि महिला की मां द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के बाद पुलिस उन्हें परेशान कर रही है, जो उनके लिव-इन रिलेशनशिप से नाखुश है। जोड़े ने लिव-इन रिलेशनशिप पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया। लेकिन हाई कोर्ट की पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत के विचारों को ऐसे रिश्तों को बढ़ावा देने वाला नहीं माना जा सकता।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!