Parliament Winter Session: संसद के शीतकालीन सत्र के शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। इस बैठक के बाद विपक्षी दलों की मिली जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। संसद के इस सत्र में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गतिरोध पैदा हो सकता है। विपक्षी दलों ने पहले ही अपना इरादा साफ कर दिया है कि वह एसआईआर का मुद्दा शीतकालीन सत्र में प्रमुखता से उठाएंगे। हालांकि, उन्होंने सदन की कार्यवाही में सहयोग करने की बात कही है।
सदन नहीं होना चाहिए ठप
सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद ठप नहीं होनी चाहिए, सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलनी चाहिए। एसआईआर पर चर्चा की मांग को लेकर रिजिजू ने कहा कि इस पर आज शाम कार्यमंत्रणा समिति की बैठकों में चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि संसद सत्र का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए सरकार सभी दलों के साथ चर्चा जारी रखेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सभी दलों ने अच्छे सुझाव दिए हैं और हमने उन्हें सकारात्मक तरीके से लिया है।
सदन की कार्यवाही में सहयोग के लिए विपक्ष तैयार
शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता कल्याण बनर्जी ने सशर्त सदन की कार्यवाही में सहयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि हम सदन की कार्यवाही में सहयोग करने को तैयार हैं, बशर्ते सत्ता पक्ष भी विपक्ष के साथ सहयोग करे।
SIR पर चर्चा की इजाजत नहीं?
समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में कल्याण बनर्जी ने कहा, ''तृणमूल ने वे मुद्दे उठाए जिन्हें हमने पहले उठाया था जिनमें एसआईआर, मनरेगा शामिल है, लेकिन इन पर चर्चा की इजाजत नहीं दी गई। उन्हें इजाजत क्यों नहीं दी गई? स्पीकर ने कहा था कि सरकार तैयार नहीं है। अगर संसद सिर्फ सरकार की मंजूरी से चलती है तो विपक्ष की क्या अहमियत है?''
विपक्ष ने कौन-कौन से मुद्दे उठाए
कांग्रेस नेता के सुरेश ने बताया कि आज की सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने कई अहम मुद्दे उठाए जिनमें आतंरिक सुरक्षा, एसआईआर शामिल है। हमने एसआईआर पर चिंता जताई... लेकिन चुनाव आयोग एसआईआर को टालने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक महज एक औपचारिकता थी। रमेश ने यह भी कहा कि विपक्ष से विचार विमर्श के बिना ही एक विषय पर अल्पकालिक चर्चा का फैसला कर लिया गया।
सर्वदलीय बैठक के बाद लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली सरकार लोकतंत्र, संसदीय परंपरा और मर्यादा को खत्म करने की कोशिश कर रही है। शीतकालीन सत्र 19 दिनों के लिए बुलाया जा रहा है, लेकिन इसमें सिर्फ 15 कार्य दिवस होंगे। शायद यह अब तक का सबसे छोटा शीतकालीन सत्र है। यह सत्र भी देर से बुलाया जा रहा है।’’
बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल?
इस बैठक में सरकार की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभा में सदन के नेता एवं स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए, जबकि विपक्षी दलों से कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, कोडिकुनिल सुरेश, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, द्रमुक के तिरुचित शिवा सहित कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए।
