Akhilesh Yadav: लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों पर खास चर्चा हो रही है। इसके लिए विशेष सत्र बुलाया गया है जो तीन दिनों तक चलेगा। इस विशेष सत्र में सरकार तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है। सरकार संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026; परिसीमन विधेयक, 2026; और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 को पेश करेगी। ये तीनों मिलकर अपडेट जनगणना के आधार पर नए सिरे से परिसीमन को सक्षम बनाने, लोकसभा की सदस्य संख्या बढ़ाने और लंबे समय से लंबित महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण को लागू करने का मार्ग प्रशस्त करेंगे। चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने मांग उठाई कि आधी आबादी में पिछड़े और मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण दिया जाए।
अखिलेश का बीजेपी पर निशाना
इस चर्चा में सरकार और विपक्ष के नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा 'नारी' के नाम पर राजनीति करना चाहती है। जिन्होंने अपने संगठन में महिलाओं को उचित स्थान नहीं दिया, वे उन्हें सम्मान कैसे देंगे? जिस पैतृक संगठन से आप निकले हैं, वहां कितनी महिलाएं हैं, आप यह बता दें। लोहिया ने कहा था, जब महिलाएं राजनीति में नहीं आएंगी, सामाजिक क्रांति अधूरी रहेगी। यूपी में पंचायत में आरक्षण देने का काम सबसे पहले समाजवादी पार्टी ने किया। हम महिला आरक्षण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन ये जल्दबाजी क्यों है। सच तो ये है कि भाजपा जाति जनगणना को टालना चाह रही है।
बीजेपी सरकारों में कितनी महिला मुख्यमंत्री हैं?
अखिलेश ने कहा, हम जेंडर इक्वालिटी में 127वें स्थान पर हैं। भाजपा यह बताए कि जहां-जहां उनकी सरकारें हैं, वहां कितनी महिला मुख्यमंत्री हैं? जो दिल्ली में हैं, वह हाफ सीएम जैसी स्थिति में हैं—उन्हें पूरे अधिकार कहां हैं? एक राज्य के जो पूर्ण अधिकार होते हैं, वे कहां हैं? और जो सबसे बड़ी पार्टी है, क्या उसमें महिलाओं की हिस्सेदारी 10% से ऊपर है?

संसद में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा
कहा- बीजेपी की चुनावी घपलेबाजी सामने आ चुकी है
उन्होंने कहा, बीजेपी की चुनावी घपलेबाजी सामने आ चुकी है। यूपी में वोट काटे जा रहे थे। बीजेपी वाले नारी शक्ति की बात न करें। महिलाएं बहकावे में नहीं आएंगी। बीजेपी का वोट कम हो रहा है। बीजेपी की हेरा-फेरी हमने पकड़ी। बीजेपी किसी की सगी नहीं है। अगर षडयंत्र हुआ तो जैसे अयोध्या आप हार गए, वैसे हार जाएंगे। हमारी मांग है कि आधी आबादी में पिछड़े और मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण दिया जाए।
