देश

मोदी सरकार ने परिसीमन को सियासी हथियार बनाया, विधेयक महिला और संविधान विरोधी, बोले गौरव गोगोई

गोगोई ने कहा कि सोनिया गांधी ने पिछली लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा था कि महिला आरक्षण लागू हो, लेकिन इसे परिसीमन के साथ मत जोड़िए, लेकिन सरकार ने नहीं सुना।

Image

लोकसभा में गौरव गोगोई

Gaurav Gogoi: लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को महिलाओं, जाति जनगणना, संविधान और संघीय ढांचे के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार परिसीमन को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' पर चर्चा की शुरुआत करते हुए यह भी कहा कि सरकार को लोकसभा के वर्तमान संख्याबल 543 के आधार पर 2029 से ही महिला आरक्षण लागू करना चाहिए।

मोदी सरकार ने विपक्ष की आवाज नहीं सुनी- गौरव गोगोई

गोगोई ने कहा कि सोनिया गांधी ने पिछली लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक पर चर्चा के दौरान यही कहा था कि महिला आरक्षण लागू हो, लेकिन इसे परिसीमन के साथ मत जोड़िए, लेकिन सरकार ने उस वक्त विपक्ष को नहीं सुना। उन्होंने कहा कि तीन साल में ऐसा क्या बदलाव हुआ कि सरकार का रुख बदल गया। गोगोई ने कहा, गृह मंत्री ने 2023 में आश्चासन दिया था कि जनगणना होगी, परिसीमन होगा, महिला आरक्षण लागू होगा। अब कह रहे हैं कि जनगणना और परिसीमन होगा।

उन्होंने दावा किया कि लगता है कि सरकार महिला आरक्षण लागू करने में विलंब करना चाहती है। कांग्रेस सांसद ने कहा, हम आज भी कह रहे हैं कि महिला आरक्षण को परिसीमन के साथ मत जोड़िए। 543 सीटों पर ही 2029 में लागू करिए। उन्होंने कहा कि यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं है, यह पर्दे के पीछे परिसीमन कराने की राजनीतिक मंशा है। गोगोई का कहना था कि अगर सरकार महिला आरक्षण के पक्ष में होती तो इसे तत्काल लागू करती। उन्होंने दावा किया कि सरकार को मजबूर होकर जाति जनगणना करानी पड़ी।

कैसे निर्धारित किया कि लोकसभा सदस्यों की संख्या 815 करनी है?

कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि सरकार ने कैसे निर्धारित किया कि लोकसभा सदस्यों की संख्या 815 करनी है? गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन को राजनीति हथियार के रूप में इस्तेमाल करनी चाहती है। उन्होंने कहा, हमारे राष्ट्र निर्माताओं ने परिसीमन की व्यवस्था राजनीतिक हथियार के लिए नहीं की थी...लेकिन यह सरकार परिसीमन को निम्न स्तर की राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रही है। गोगोई ने जम्मू-कश्मीर और असम में पिछले कुछ वर्षों में हुए परिसीमन का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के लिए परिसीमन नागरिकों को सुविधा देने के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक सत्ता और राजनीतिक जड़ों को मजबूत करने के लिए है।

'महिला आरक्षण का दुरुपयोग करना शर्मनाक व दुखद'

उनका कहना था कि असम में एक लोकसभा का क्षेत्र 16 लाख तो एक 26 लाख की आबादी का है। यह किसकी सुविधा के लिए किया गया है? उन्होंने दावा किया कि जो जम्मू-कश्मीर और असम में किया गया, वही देश में महिला आरक्षण के नाम पर करने का प्रयास हो रहा है। गोगोई ने कहा, यह शर्मनाक और दुखद है कि महिला आरक्षण का दुरुपयोग किया जा रहा है। यह शंका है कि आप महिला आरक्षण और जाति जनगणना के पक्ष में नहीं हो, आप संविधान को कमजोर कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि विधेयक महिला विरोधी, जाति जनगणना विरोधी, संविधान विरोधी है तथा संघीय ढांचे के खिलाफ है। गोगोई ने कहा, हम महिला आरक्षण के विरोध में नहीं हैं। लेकिन परिसीमन से मुक्त करिए। महिला आरक्षण पर राजनीतिक रोटियां मत सेंकिये। उनका कहना था कि राजनीतिक लाभ के लिए देश में राजनीतिक संतुलन के साथ छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article