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अखिलेश यादव ने मोदी सरकार को अर्थव्यवस्था पर घेरा, ट्रंप से सीखने की दे दी सलाह; कही ये बड़ी बातें

Akhilesh Yadav on Economy: अखिलेश यादव ने भारत सरकार को अमेरिका से सीखने की सलाह दी है। अर्थव्यवस्था पर सरकार को घेरते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उदाहरण दिया। सपा प्रमुख ने कहा कि आज की सबसे बड़ी चुनौती अर्थव्यवस्था की है। इसके अलावा उन्होंने भाजपा द्वारा लाये गये वक्फ बोर्ड कानून पर उन्होंने कहा, 'यह भाजपा के लिये वाटरलू साबित होगा ।'

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अखिलेश यादव ने मोदी सरकार को दी सलाह।

Akhilesh Yadav Advised Modi Government: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि सरकार को अमेरिका के राष्ट्रपति से सीखना चाहिए कि वह किस तरह अपने देश की अर्थव्यवस्था बचाने के लिये वे दूसरे देशों पर पाबंदियां लगा रहे हैं । अखिलेश ने शनिवार को एक पत्रकार वार्ता में कहा, 'सरकार अमेरिका के राष्ट्रपति जी से सीखे कि अपने देश की अर्थव्यवस्था बचाने के लिये वे दूसरे देशों पर पाबंदिया लगा रहे हैं ।’’

भारत सरकार को अर्थव्यवस्था पर ट्रंप से सीखने की दी सलाह

अखिलेश यादव ने कहा, 'हमें अमेरिका जैसे देश से सीखना चाहिए। हमें भी अपनी अर्थव्यवस्था बचाने के लिये दूसरे देशों पर उतनी ही पाबंदी लगा देनी चाहिए।' सपा प्रमुख ने कहा कि आज की सबसे बड़ी चुनौती अर्थव्यवस्था की है। उन्होंने पूछा कि जिन लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है, उनकी प्रति व्यक्ति आय कितनी है। उन्होंने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था कहां खड़ी है। अर्थव्यवस्था में भी झूठे आंकड़े बताते हैं।

अखिलेश यादव ने वक्फ संशोधन कानून पर क्या कुछ कहा?

वक्फ संपत्तियों पर कब्जे के सवाल पर उन्होंने भाजपा को 'भूमाफिया वाली पार्टी' करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा गोरखपुर और अयोध्या में जमीन कब्जा करने में लगी है। उन्होंने कहा, 'सबसे बड़ी भूमाफिया पार्टी भाजपा है। उससे ज्यादा जमीन किसी ने हड़पी है तो वह भाजपा के लोग हैं, गोरखपुर, अयोध्या कानपुर और लखनऊ इन चार जिलों की रजिस्ट्रियों की जांच करा ले। सरकारी जमीन पर भाजपा के लोग कब्जा किये हुये है।' उन्होंने आरोप लगाया कि गोरखपुर एवं अयोध्या में सबसे ज्यादा रजिस्ट्री भाजपा के लोगों ने करवाई है ।

भाजपा द्वारा लाये गये वक्फ बोर्ड कानून पर यादव ने कहा, 'यह भाजपा के लिये वाटरलू साबित होगा ।' उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ कानून लाये जाने के बाद भाजपा के लोग सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी और पीडीए को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं । उन्होंने कहा कि उप्र सरकार प्रयागराज कुंभ में 'जिन हिन्दू श्रद्धालुओं की जान चली गई, उनकी गिनती नहीं बता पाए। ये गिनती इसलिए नहीं बताई जा रही क्योंकि इनको मुआवजा देना पड़ेगा।' उन्होंने कहा कि सरकार गिनती में खेल न करें ।

अखिलेश ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर यूपी सरकार को सुनाई खरी-खोटी

भ्रष्टाचार के एक मामले में सरकार के एक अधिकारी और उसके दलाल के पकड़े जाने को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि ये भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि सत्ता का बंटवारा है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब किसी सरकार में इतनी खुली मिलीभगत देखने को मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक अफसर अकेले काम नहीं कर सकता, उसके पीछे पूरा तंत्र सक्रिय है। उन्होंने इसे 'सिस्टम का मैनेजमेंट' बताया।

भ्रष्टाचार पर यूपी सरकार पर प्रहार करते हुए यादव ने कहा,''जो लोग निवेश लाना चाहते थे वो विनाश ले आएं । उन्हीं का अधिकारी पकड़ा गया, सुनने में तो आ रहा हैं कि मुख्यमंत्री आवास में ही सब भ्रष्टाचारी छिपे हुए हैं ।' उन्होंने कहा,'भारतीय जनता पार्टी खुद मान गयी है कि उनका 80 - 20 का नारा भी नहीं चलने वाला है। मैं पूछना चाहता हूं कि हम लोग 80 में आते हैं कि 20 में? अब ये 90 - 10 का मामला है।'

अखिलेश का दावा- अब भाजपा से नाराज है आधी आबादी और पीडीए

उन्होंने कहा कि आधी आबादी और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अब भाजपा से पूरी तरह नाराज़ है। उन्होंने कहा कि जब ये वर्ग एक साथ आएंगे तो भाजपा को सत्ता से बाहर होना पड़ेगा। जनता अब जाग चुकी है और उन्हें झूठे वादों से बहकाया नहीं जा सकता। अखिलेश यादव ने हाल ही में हुई कुछ घटनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली सरकार अब जीरो पर ही आ गई है।

उन्होंने कहा, 'पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था नहीं हैं कही न्याय नहीं मिल रहा हैं उसका परिणाम हैं कि लोगों को भटकना पड़ रहा हैं।' उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग ही भाजपा से नाराज है, उनको भी न्याय नही मिल रहा हैं। भ्रष्टाचार का ऐसा नजारा कही नही देखने को मिला है। इस अवसर पर उन्होंने कुछ मामलों की समाचार की वीडियो क्लिपिंग भी दिखायी । उन्होंने कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर जयंती पर आठ अप्रैल से समाजवादी पार्टी प्रदेश भर में स्वाभिमान स्वमान समारोह मना रही है। इस दौरान सपा कार्यकर्ता घर घर जाएंगे और सरकार की कमियों को उजागर करेंगे।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अम्बेडकर नगर में बुलडोजर कार्रवाई के दौरान अपनी किताबें लेकर भागी बच्ची के परिजनों को बुलवा कर राजधानी लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बच्ची अनन्या यादव और उसके परिवार को सम्मानित किया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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