Ajit Pawar : महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार अपने बेटे पार्थ पवार की कंपनी से जुड़े एक भूमि सौदे को लेकर विवादों में आ गए हैं। इस कंपनी के एक भूमि सौदे में अनियमितता का आरोप लगा है। भूमि सौदे में कथित अनियमितताओं के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की है और लेन-देन में सब-रजिस्ट्रार की कथित भूमिका को लेकर उसे निलंबित कर दिया है। इस बीच, आरोपों पर अजित पवार ने सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि पुणे के इस कथित करोड़ों रुपए के भूमि सौदे से उनका कोई लेना-देना नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति का वह समर्थन नहीं कर सकते।
तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
रिपोर्टों के मुताबिक पिंपरी चिंचवड़ पुलिस ने पार्थ पवार से जुड़ी कंपनी से संबंधित जमीन सौदे में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। इस बीच, राकांपा (एसपी) के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने भूमि सौदे में कथित अनियमितताओं की जांच उच्च न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक अजित पवार को देवेंद्र फडणवीस सरकार से इस्तीफा दे देना चाहिए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भूमि सौदे को "प्रथम दृष्टया गंभीर" बताते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने संबंधित विभागों से मामले से जुड़ी जानकारी मांगी है, जबकि अजित पवार ने जोर देकर कहा कि उनका विवादास्पद सौदे से कोई लेना-देना नहीं है।
‘महायुति’ ने न्यायिक जांच की मांग की
विपक्ष ने सत्तारूढ़ ‘महायुति’ पर निशाना साधा और भूमि सौदे की न्यायिक जांच की मांग की। सत्तारूढ़ गठबंधन में भाजपा, अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना शामिल हैं। सरकार ने एक सब-रजिस्ट्रार को निलंबित कर दिया है और भूमि सौदे में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। अधिकारियों ने कहा कि फडणवीस के निर्देश पर गठित जांच समिति का नेतृत्व अपर मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खरगे करेंगे। पार्थ पवार ने अब तक इन आरोपों प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भूमि के सरकारी होने का दावा
निबंधन महानिरीक्षक (आईजीपी) कार्यालय ने पुणे जिले में हवेली संख्या 4 कार्यालय से जुड़े सब-रजिस्ट्रार आर बी तारु को दस्तावेज़ पंजीकरण में अनियमितताओं और राज्य के खजाने को नुकसान पहुंचाने के आरोप में निलंबित करने का आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि तारु के खिलाफ यह कार्रवाई संयुक्त जिला रजिस्ट्रार और कलेक्टर (स्टांप) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर आधारित है। एक अधिकारी के अनुसार, पुणे के मुंडवा इलाके में सरकार की 40 एकड़ की ‘महार वतन’ भूमि को निजी कंपनी अमाडिया एंटरप्राइजेड एलएलपी को 300 करोड़ रुपये में बेचा गया और इस पर स्टांप शुल्क माफ कर दिया गया। इस कंपनी में पार्थ पवार एक साझेदार हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि होने के कारण भूखंड को किसी निजी कंपनी को बेचा नहीं जा सकता।
सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप
संयुक्त जिला रजिस्ट्रार संतोष हिंगाने की शिकायत पर पिंपरी चिंचवड़ के बावधन पुलिस थाने में दिग्विजय पाटिल, शीतल तेजवानी और रवींद्र तारू के खिलाफ बीएनएस की धारा 316 (5) (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात,) और धारा 318 (2) (धोखाधड़ी) के तहत सरकारी खजाने को छह करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर यह जानते हुए भी कि यह जमीन सरकार की है, जमीन का विक्रय विलेख निष्पादित करने के लिए मिलीभगत की। निबंधन महानिरीक्षक रवींद्र बिनवडे ने कहा कि जांच समिति यह पता लगाएगी कि सरकारी जमीन को एक निजी कंपनी को कैसे बेचा गया और यह भी देखेगी कि छूट मानदंडों के अनुसार दी गई थी या नहीं।
शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्हें जांच से नतीजे की उम्मीद नहीं है, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार "अंततः क्लीन चिट दे देगी।" भाजपा मंत्री नितेश राणे ने कहा कि सरकार "भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता" बनाए रखती है, जबकि उद्योग मंत्री उदय सामंत ने पार्थ पवार का बचाव करते हुए कहा कि उनके दस्तावेज "सही प्रतीत होते हैं" और भूमि के स्वामित्व की स्थिति को सत्यापित किया जाना चाहिए। एसीएस विकास खारगे के नेतृत्व वाले जांच पैनल को जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और (आज की ताजा खबर) के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।
