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अब NCP के पोस्टर से भी गायब हुए अजित पवार, फिर उठे सवाल...पार्टी में सब ठीक?

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 28, 2023, 04:05 PM IST

NCP Meeting in Delhi: बुधवार को दिल्ली में आयोजित एनसीपी की नेशनल एग्जीक्यूटिव मीटिंग के पोस्टर से अजित पवार की तस्वीर गायब दिखी। इसमें शरद पवार के साथ सुप्रिया सुले और प्रफल्ल पटेल की तस्वीर लगाई गई थी, लेकिन दिग्गज नेता अजित पवार नदारद थे।

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एनसीपी के पोस्टर में अजित पवार को नहीं मिली जगह

Photo : Twitter

NCP Meeting in Delhi: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में हुए संगठनात्मक बदलाव के बाद से यह सवाल बार-बार उठ रहा है कि क्या पार्टी में सबकुछ ठीक चल रहा है? दरअसल, जब से सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है, इस बात की चर्चा जोर पकड़ रही है कि फैसले से अजित पवार खुश नहीं हैं। उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। भले ही पार्टी नेतृत्व और खुद अजित पवार इस बात से इंकार कर रहे हों, लेकिन भीतरघाने कुछ पक जरूर रहा है।

दरअसल, बुधवार को दिल्ली में आयोजित एनसीपी की नेशनल एग्जीक्यूटिव मीटिंग के पोस्टर से अजित पवार की तस्वीर गायब दिखी। इसमें शरद पवार के साथ सुप्रिया सुले और प्रफल्ल पटेल की तस्वीर लगाई गई थी, लेकिन दिग्गज नेता अजित पवार नदारद थे। इसके बाद एक बार फिर से अटकलों ने जन्म ले लिया है।

अपील के बाद पोस्टर में नहीं मिली जगह

बता दें, एनसीपी में हुए संगठनात्मक बदलाव के बाद अजित पवार ने उन्हें संगठन में पद दिए जाने की मांग की थी। वह इस समय महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता हैं। हालांकि, अजित पवार ने कहा था कि वह विपक्ष के नेता पद को छोड़ना चाहते हैं और पार्टी संगठन में काम करना चाहते हैं। उनकी इस मांग के बाद सुप्रिया सुले ने कहा था कि अजित पवार को संगठन में क्या पद देना है, यह पार्टी के नेता तय करेंगे। शरद पवार ने खुद कहा था कि यह फैसला उनके अकेले का नहीं है। जल्द ही अजित और पार्टी के अन्य नेता बैठकर इस बात को तय कर लेंगे।

हाल ही में पार्टी में हुआ था बदलाव

हाल ही में एनसीपी पार्टी के अंदर कई सियासी घटनाक्रम हुए हैं। बता दें, पहले शरद पवार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में कार्यकर्ताओं के कहने पर उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया। हालांकि, कुछ दिन बाद सुप्रिया सुले और वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का ऐलान कर दिया। यह अजित पवार के लिए बड़ा झटका माना गया। दरअसल, शरद पवार के बाद अजित को पार्टी अध्यक्ष का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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