बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को पत्र लिखकर मामले की व्यापक और पारदर्शी जांच की मांग की। रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने ईमेल के माध्यम से एक विस्तृत पत्र भेजा है, जिसमें हादसे को लेकर अपनी आशंकाएं दर्ज की हैं। उनका कहना है कि इस मांग का उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि सच्चाई को सामने लाना है ताकि किसी तरह की अटकलों या संदेह की गुंजाइश न रहे।
पहले भी जताई थी ऐसी आशंका
इससे पहले 10 फरवरी को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने इस हादसे में संभावित साजिश की आशंका जताई थी। उन्होंने अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे से जुड़ी विदेशी मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इससे बारामती हादसे को लेकर उनका संदेह और मजबूत हुआ है। हालांकि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने स्पष्ट किया है कि अहमदाबाद हादसे की जांच अभी जारी है और मीडिया में चल रही अटकलें भ्रामक हैं।
रोहित पवार ने हादसे में शामिल निजी कंपनी वीएसआर पर प्रतिबंध लगाने की मांग की
रोहित पवार ने हादसे में शामिल निजी कंपनी वीएसआर (VSR), जो लियरजेट विमान की मालिक थी, के खिलाफ कार्रवाई और उसकी सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है तो जानलेवा सेवाएं देने वाली विमान कंपनी पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या कंपनी के मालिकों का प्रभाव इतना है कि सरकार कदम उठाने से बच रही है। वहीं, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने इस घटना को दुर्घटना बताते हुए किसी साजिश से इनकार किया है।
