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'भारत को नुकसान हुआ है तो फोटो दिखाइए', ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाने वाले विदेशी मीडिया को NSA डोभाल की चुनौती

आईआईटी मद्रास के 62वें दीक्षांत समारोह में डोभाल ने प्रश्नात्मक लहजे में कहा, ‘इसके बाद उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने ऐसा किया वगैरह वगैरह। क्या आप मुझे एक भी ऐसी तस्वीर दिखा सकते हैं जिसमें दिखता हो कि भारत को इस दौरान कोई नुकसान हुआ है?’ एनएसए ने ऑपरेशन के दौरान भारत में 'कोलेट्रल डैमेज' होने की विदेशी मीडिया की रिपोर्टों को सिरे से खारिज किया।

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पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने चलाया 'ऑपरेशन सिंदूर'। तस्वीर-पीटीआई

Photo : PTI

Ajit Doval: 'ऑपरेशन सिंदूर' की तारीफ करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने शुक्रवार को विदेशी मीडिया को चुनौती देते हुए कहा कि 'इस ऑपरेशन के दौरान भारत को नुकसान पहुंचने की अगर एक भी तस्वीर, यहां तक कि खिड़की का कांच टूटने की यदि फोटो आपके पास हो तो उसे दिखाइए।' एनएसए ने ऑपरेशन के दौरान भारत में 'कोलेट्रल डैमेज' होने की विदेशी मीडिया की रिपोर्टों को सिरे से खारिज किया।

भारत के हमले थे सटीक

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सटीकता इस स्तर की थी कि भारत को पता था कि कौन कहां है। उनके मुताबिक, पूरा ऑपरेशन सात मई को रात एक बजे के बाद शुरू हुआ और मुश्किल से 23 मिनट तक जारी रहा। आईआईटी मद्रास के 62वें दीक्षांत समारोह में डोभाल ने प्रश्नात्मक लहजे में कहा, ‘‘ इसके बाद उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने ऐसा किया वगैरह वगैरह। क्या आप मुझे एक भी ऐसी तस्वीर दिखा सकते हैं जिसमें दिखता हो कि भारत को इस दौरान कोई नुकसान हुआ है?’’

पाकिस्तान के आर-पार हमला किया

छात्रों को संबोधित करते हुए डोभाल ने यह भी कहा कि तकनीक और युद्ध के बीच अहम संबंध है और देश को अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए स्वदेशी तकनीक विकसित करनी चाहिए। इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा, ‘‘ मुझे इस पर (ऑपरेशन सिंदूर पर) गर्व है। हमें इस बात पर गर्व है कि हमारी कुछ बेहतरीन प्रणालियों ने काम किया, चाहे वह ब्रह्मोस (मिसाइल) हो, एकीकृत हवाई नियंत्रण और कमान प्रणाली हो या युद्धक्षेत्र निगरानी हो। हमने नौ आतंकवादी ठिकानों पर निशाना साधा, सीमावर्ती क्षेत्रों में नहीं बल्कि पाकिस्तान के आर-पार और हम एक भी नहीं चूके।’’

23 मिनट तक जारी रहा ऑपरेशन

उन्होंने कहा कि किसी भी ऐसे स्थान पर हमला नहीं हुआ जिसका चुनाव नहीं किया गया था और हमले में सटीकता इस स्तर की थी कि भारत को पता था कि कौन कहां है और पूरा ऑपरेशन 23 मिनट तक जारी रहा। ऑपरेशन की प्रभावशीलता पर सवाल उठाने वाले अंतरराष्ट्रीय मीडिया कवरेज पर एक प्रकार से निशाना साधते हुए एनएसए ने कहा, ‘‘उन्होंने वही लिखा जो वे चाहते थे। लेकिन उपग्रह चित्र असली कहानी बताते हैं कि 10 मई से पहले और बाद में 13 पाकिस्तानी एयरबेस में क्या हुआ।’’

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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