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हवा में 300 फीट नीचे गिरने वाले एयर इंडिया विमान में आई थी 3 हाइड्रोलिक खराबी, ऑटोपायलट भी हुआ था डिस्कनेक्ट

फुकेत (थाईलैंड) से उड़ान भरने के बाद जब विमान अपनी तय ऊंचाई पर क्रूज कर रहा था, तब अचानक इसका ऑटोपायलट (Autopilot) डिस्कनेक्ट यानी बंद हो गया।

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बाल-बाल बचे एयर इंडिया विमान के यात्री

Photo : ANI

New Delhi-Fuket Air India Plane: फुकेत से नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक उड़ान (Airbus A320) में हवा में अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण विमान कुछ ही सेकंड में करीब 300 फीट नीचे गिर गया था। राहत की बात यह रही कि पायलटों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित कर लिया और विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई। घटना की गंभीरता को देखते हुए विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने इस मामले को 'गंभीर घटना' श्रेणी में दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ऑटोपायलट का अचानक बंद होना

फुकेत (थाईलैंड) से उड़ान भरने के बाद जब विमान अपनी तय ऊंचाई पर क्रूज कर रहा था, तब अचानक इसका ऑटोपायलट (Autopilot) डिस्कनेक्ट यानी बंद हो गया। ऑटोपायलट बंद होते ही एयरबस A320 विमान ने अचानक अपनी ऊंचाई खो दी और कुछ ही सेकंड के भीतर लगभग 300 फीट नीचे आ गया। इस वजह से प्लेन में सवार यात्रियों को तेज झटका महसूस हुआ और अफरा-तफरी मच गई। कॉकपिट क्रू ने स्थिति बिगड़ते ही तुरंत मैनुअल कंट्रोल संभाला और एयरक्राफ्ट को स्थिर कर सुरक्षित ऊंचाई पर वापस पहुंचाया। इसके बाद विमान को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर सुरक्षित लैंड कराया गया।

को-पायलट ने मैन्युअल नियंत्रण संभाला

सूत्रों के अनुसार, उड़ान के दौरान ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट हो गया, जिसके बाद को-पायलट ने मैन्युअल नियंत्रण संभाला। कुछ ही देर बाद, उड़ान नियंत्रण में खराबी का संदेश दिखाई दिया। विमान में अन्य तकनीकी और यांत्रिक समस्याओं के साथ-साथ वायु विक्षोभ के कारण कई संकेतक स्विच भी कुछ समय के लिए बंद हो गए। विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम में भी खराबी आ गई, जो उड़ान नियंत्रण सहित कई कार्यों के लिए अहम है। जांचकर्ता इन खराबी के क्रम की जांच करेंगे और यह पता लगाएंगे कि क्या इनका अचानक ऊंचाई में गिरावट से कोई संबंध था।

AAIB की जांच जारी

भारतीय विमानन नियामक डीजीसीए (DGCA) और एएआईबी को घटना की सूचना दे दी गई है। AAIB अधिकारियों ने विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉक्सपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) को कब्जे में ले लिया है ताकि ऑटोपायलट के अपने आप बंद होने के कारणों का पता लगाया जा सके। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि उड़ान के दौरान एक क्षणिक तकनीकी खराबी आई थी, जिसे क्रू द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का पालन करते हुए सुरक्षित रूप से संभाल लिया गया। एयरलाइन जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।

क्यों माना जा रहा है इसे गंभीर मामला?

विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च ऊंचाई पर क्रूजिंग के दौरान अचानक ऑटोपायलट का बंद होना और विमान का अचानक नीचे गिरना यात्रियों की सुरक्षा और हवाई यातायात नियंत्रण (ATC) के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जाता है। AAIB की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही इस तकनीकी विफलता के वास्तविक कारणों (जैसे सेंसर खराबी, सॉफ्टवेयर ग्लिच या वर्टिकल ड्राफ्ट) का खुलासा हो पाएगा।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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