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भारतीय वायुसेना प्रमुख आज हो जाएंगे रिटायर्ड, एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह संभालेंगे कमान

Indian Air Force New Chief: इंडियन एयर फोर्स के चीफ आज सेवानिवृत्त हो जाएंगे। वायु सेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी को आज विदाई दी जाएगी। इसके साथ ही एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह अब भारतीय वायु सेना की कमान संभालेंगे। आपको अमर प्रीत सिंह के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं।

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एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी, एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह

IAF Chief Retired Today: अब से कुछ घंटे बाद भारतीय वायु सेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी सेवानिवृत्त हो जाएंगे। वायु सेना प्रमुख चौधरी 30 सितंबर को अपनी रिटायरमेंट के साथ ही नए वायु सेना प्रमुख एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह को कार्यभार सौंपेंगे। सरकार वायु सेना उप प्रमुख, एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह को अगला वायु सेना प्रमुख नियुक्त करने का ऐलान पहले ही कर चुकी है।

विदाई देते हुए दिया जाएगा 'गार्ड ऑफ ऑनर'

एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह बेहतरीन फाइटर पायलट रहे हैं। वह योग्य उड़ान प्रशिक्षक और प्रायोगिक टेस्ट पायलट हैं। वहीं, अपनी रिटायरमेंट से पहले वायु सेना प्रमुख विवेक राम चौधरी सोमवार सुबह शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। दोपहर में उन्हें विदाई देते हुए 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया जाएगा। भारतीय वायु सेना के अगले चीफ एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह वायु सेना के उप प्रमुख का पदभार संभालने से पहले मध्य वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे।

करीब 40 साल की लंबी और शानदार सेवा

उनको दिसंबर 1984 में भारतीय वायु सेना की फाइटर पायलट स्ट्रीम में नियुक्ति दी गई थी। 27 अक्टूबर 1964 को जन्मे एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह इंडियन एयर फोर्स में लगभग 40 वर्ष की लंबी और शानदार सेवा दे चुके हैं। अपनी इस बेहतरीन सर्विस के दौरान, उन्होंने कई कमांड, स्टाफ और विदेशी नियुक्तियों के लिए अपनी सेवाएं दी हैं।

विमानों पर 5,000 घंटे से अधिक उड़ान भरी

अमर प्रीत सिंह ने अलग-अलग तरह के फिक्स्ड और रोटरी विंग विमानों पर 5,000 घंटे से अधिक उड़ान भरी है। 5,000 घंटे से अधिक की उड़ान भरने का यह अपने आप में एक शानदार अनुभव है। नामित चीफ एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के छात्र रह चुके हैं। अपनी लंबी सर्विस के दौरान एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह ने ऑपरेशनल फाइटर स्क्वाड्रन और एक फ्रंटलाइन एयर बेस की कमान संभाली है।

मिग-29 के अपग्रेड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टीम का नेतृत्व

टेस्ट पायलट के रूप में उन्होंने रूस की राजधानी मास्को में मिग-29 के अपग्रेड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टीम का नेतृत्व किया है। इसके अलावा नेशनल फ्लाइट टेस्ट सेंटर में प्रोजेक्ट डायरेक्टर (फ्लाइट टेस्ट) भी रहे हैं। एयर मार्शल को हल्के लड़ाकू विमान तेजस की उड़ान परीक्षण का दायित्व सौंपा गया था। इसके अलावा एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह दक्षिण पश्चिमी वायु कमान में एयर डिफेंस कमांडर और पूर्वी वायु कमान में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर के महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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