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बेतुके बोल पर बुरा फंसे बदरुद्दीनः माफी मांग बोले- हूं 'शर्मिंदा', नहीं तोड़ना चाहता था किसी का दिल

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 4, 2022, 07:28 AM IST

एआईयूडीएफ चीफ बदरुद्दीन अजमल असम से लोकसभा सदस्य हैं। दरअसल, उनकी टिप्पणी को लेकर सूबे के कई हिस्सों में उनके खिलाफ पुलिस को शिकायतें दी गईं। वैसे, उनकी ओर से सफाई आई कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर परोसा गया और उन्होंने किसी समुदाय विशेष को निशाना नहीं बनाया था।

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ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के चीफ बदरुद्दीन अजमल। (फाइल)

Photo : IANS

हिंदुओं और महिलाओं को लेकर कथित रूप से अपने बेतुके बोल पर बुरी तरह फंसने वाले ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के मुखिया बदरुद्दीन अजमल ने माफी मांगी है। वह विवाद में चौतरफा घिरने के बाद बोले कि वह 'शर्मिंदा' हैं, पर किसी का दिल नहीं तोड़ना चाहते थे।

मध्य असम के होजई रेलवे स्टेशन पर शनिवार (चार दिसंबर, 2022) को उन्होंने मीडिया को बताया, “मैंने किसी को टारगेट नहीं किया। न ही ‘हिंदू’ शब्द का इस्तेमाल किया। मैं किसी का दिल नहीं तोड़ना चाहता था। लेकिन यह एक मुद्दा बन गया। मुझे इसके लिए खेद है, मैं इसे लेकर शर्मिंदा हूं। मेरे जैसे सीनियर व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था।”

दरअसल, शुक्रवार को अजमल ने एक इंटरव्यू में महिलाओं, हिंदू पुरुषों और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कथित तौर पर हिंदुओं को कम उम्र में शादी करके मुसलमानों की तरह ज्यादा बच्चे पैदा करने की सलाह दी थी।

अजमल के राजनीतिक विरोधियों ने उनके बयान को गुजरात विधानसभा चुनाव से जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि एआईयूडीएफ चीफ भाजपा को ‘‘बचाने’’ के लिए उसके नक्शेकदम पर चल रहे थे, जो गुजरात में सत्ता बनाए रखने की कोशिशों में जुटी है।

हालांकि, भाजपा अजमल की टिप्पणी से किनारा करती नजर आई। इस बीच, टीएमसी विवादित टिप्पणी पर गुवाहाटी में उनका पुतला फूंका। इससे पहले, असम जातीय परिषद (एजेपी) ने महिलाओं और हिंदू समुदाय के संबंध में बयान को लेकर अजमल के खिलाफ असम में पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी।

एजेपी उपाध्यक्ष डूलू अहमद ने यहां हाटीगांव थाने में, जबकि हैलाकांडी में वहां पार्टी के मुख्य संयोजक ने शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि जांच शुरू हो गई है। अहमद ने कहा कि एआईयूडीएफ सांसद अजमल के बयान को लेकर उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है, क्योंकि इससे समाज में व्यापक प्रतिक्रिया हुई है और सांप्रदायिक हिंसा भड़क सकती है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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