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'हमें भारी मात्रा में ऊर्जा की जरूरत है क्योंकि...' ईरान जंग के बीच CDS अनिल चौहान ने AI को लेकर क्या कहा?

मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य संघर्ष के बीच भारत के सीडीएस अनिल चौहान ने कहा कि भविष्य की जंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोनॉमस सिस्टम्स की भूमिका बेहद अहम होगी। Raisina Dialogue में बोलते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध में टैंक और हथियारों के साथ-साथ डेटा, नेटवर्क और इंटेलिजेंस भी निर्णायक बन गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि AI आधारित सैन्य सिस्टम को चलाने के लिए भारी ऊर्जा की जरूरत होगी और इसमें न्यूक्लियर पावर अहम भूमिका निभा सकती है।

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युद्ध में एआई की भूमिका को लेकर सीडीएस अनिल चौहान ने दी बेहद अहम जानकारी।

Photo : IANS

अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से पूरे मिडिल ईस्ट में अशांति का माहौल है। इस भीषण सैन्य कार्रवाई की आग में न सिर्फ अमेरिका, इजरायल और ईरान बल्कि कई देश झुलस चुके हैं। वहीं, युद्ध का दायरा हर बीते वक्ते के साथ बढ़ता जा रहा है।

इसी बीच युद्ध और एआई को लेकर देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने महत्वपूर्ण बातें कही। सीडीएस अनिल चौहान ने कहा है कि भविष्य की जंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोनॉमस सिस्टम्स की भूमिका बेहद अहम होने वाली है। उन्होंने कहा कि दुनिया एक बड़े बदलाव के दौर में प्रवेश कर रही है, जहां युद्ध की रणनीतियों में तेजी से तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा।

युद्ध में डेटा, नेटवर्क और इंटेलिजेंस की भूमिका अहम: सीडीएस

नई दिल्ली में आयोजितरायसेना डायलॉग (Raisina Dialogue) के दौरान एक पैनल चर्चा में बोलते हुए जनरल चौहान ने कहा कि पहले सैन्य ताकत टैंक, विमान, जहाज और पनडुब्बियों जैसे प्लेटफॉर्म पर आधारित होती थी, लेकिन अब डेटा, नेटवर्क और इंटेलिजेंस भी उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान सही समय पर सही फैसला लेना सबसे जरूरी होता है और इसमें AI और ऑटोनॉमस सिस्टम्स काफी मददगार साबित होंगे। उनके मुताबिक, अगर फैसले लेने की प्रक्रिया को तेज और सटीक बनाना है तो ऑटोमेटेड सिस्टम्स जरूरी हैं।

'AI के लिए भारी मात्रा में ऊर्जा की जरूरत'

जनरल चौहान ने यह भी कहा कि AI आधारित सिस्टम चलाने के लिए भारी मात्रा में ऊर्जा की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर पावर और AI एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं, खासकर बड़े डेटा सेंटर को चलाने के लिए।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत फिलहाल AI के सैन्य इस्तेमाल के क्षेत्र में शुरुआती कदम उठा रहा है और अभी यह तय किया जाना बाकी है कि सेना में इसका इस्तेमाल किस तरह से किया जाएगा।

अमेरिका सेना कर रही AI का इस्तेमाल: रिपोर्ट

कई मीडिया रिपोर्ट ने जानकारी दी है कि अमेरिकी सेना पहले से ही एआई आधारित सिस्टम का उपयोग कर रही है। Maven Smart System जैसे प्लैटफॉर्म इमेज प्रॉसेसिंग और टारगेटिंग में मदद करते हैं, जिससे हमले तेज और अधिक सटीक हो जाते हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान पर हालिया हमलों में भी इस तकनीक का इस्तेमाल हुआ। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि एआई की मौजूदगी के बावजूद नागरिक हताहतों की संख्या कम नहीं हुई है।

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Piyush Kumar
Piyush Kumar author

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें

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