Ayodhya Security: कल यानि कि 22 जनवरी को राम लला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। राम मंदिर के इस प्राण प्रतिष्ठा के दौरान अयोध्या एक किले में तब्दील हो चुका है। सुरक्षा इतनी सख्त है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता। AI कैमरा, हाई टेक ड्रोन, कमांडो, बख्तरबंद गाड़ियों से लैस सुरक्षा दस्ता अयोध्या के चप्पे-चप्पे पर दिख रहा है। 13000 सुरक्षा कर्मी अयोध्या की सुरक्षा में तैनात किए गए हैं।
एयरपोर्ट से लेकर सरयू तक में कमांडो
अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कई विशिष्ट अतिथियों, बड़ी संख्या में देशभर के साधु-संतों की उपस्थिति में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह होगा। इस दौरान सुरक्षा को लेकर खासी सावधानी बरती जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस लगातार अंतराल पर सरयू नदी पर नाव से गश्त कर रही है। अयोध्या के महर्षि वाल्मिकी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड टीमों को भी तैनात किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि हवाईअड्डे की पूरी तरह से जांच की जा रही है और किसी को भी बिना पास के हवाईअड्डे में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने आकस्मिकताओं से निपटने के लिए अयोध्या में मंदिर के पास एक शिविर भी स्थापित किया है।
एनडीआरएफ की तीन टीमें भी तैनात
एनडीआरएफ के पुलिस उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने एएनआई को बताया- "22 जनवरी को 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह से पहले एनडीआरएफ की तीन टीमों को यहां तैनात किया गया है। यह तैनाती स्थानीय प्रशासन और पुलिस के समन्वय से की गई है। हमारी एक टीम घाटों पर तैनात की गई है। हम सभी प्रकार की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हैं।"
हर जगह नजर
अयोध्या के आईजी प्रवीण कुमार ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय में आवश्यक तैयारी पहले ही की जा चुकी है। शहर में कड़ी सुरक्षा है। प्राण प्रतिष्ठा के लिए गेस्ट पहले से ही आने शुरू कर चुके हैं। हम ड्रोन कैमरों और खुफिया जानकारी के माध्यम से कड़ी निगरानी सुनिश्चित कर रहे हैं। सभी सुरक्षा खामियों की पहचान की जा रही है और प्राथमिकता के आधार पर उन्हें ठीक किया जा रहा है। हमें विश्वास है कि मेगा इवेंट होगा 22 जनवरी को बिना किसी रुकावट के संपन्न हो जाएगा।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह कार्यक्रम
'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह दोपहर 12:20 बजे शुरू होगा और दोपहर 1 बजे तक समाप्त होने की उम्मीद है। इसके बाद पीएम मोदी कार्यक्रम स्थल पर संतों और प्रतिष्ठित हस्तियों सहित 7,000 से अधिक लोगों की एक सभा को संबोधित करेंगे। इस बीच, लाखों लोगों द्वारा इस कार्यक्रम को टेलीविजन और अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर लाइव देखने की उम्मीद है, कई राज्यों ने छुट्टी की घोषणा की है जबकि केंद्र ने आधे दिन की घोषणा की है।
