India Strike Terror Infra in Pakistan: पहलगाम हमले के बाद भारत ने अमेरिका समेत दुनिया की कई देशों को संदेश दिया कि पाकिस्तानी धरती से संचालित आतंकी शिविरों के खिलाफ उसके दंडात्मक हमलों को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए, सरकारी सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत के बाद भारत ने विभिन्न देशों को संदेश दिया कि पाकिस्तान की हर सैन्य कार्रवाई का उसका जवाब अधिक सशक्त और निर्णायक होगा। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 9 मई को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से कहा कि पाकिस्तानी कार्रवाई के जवाब में भारत की प्रतिक्रिया अधिक सशक्त, मजबूत और विनाशकारी होगी।
जेडी वेंस ने पीएम मोदी को फोन किया था
दोनों पड़ोसियों के बीच सैन्य टकराव काफी बढ़ने के बाद जेडी वेंस ने पीएम मोदी को फोन किया था। एक सूत्र ने बताया, 22 अप्रैल के बाद हमारे सभी संदेशों में हमने कहा कि हम आतंकवादियों पर हमला करेंगे, इसके परिणाम भुगतने होंगे। हम पहले दिन से ही बहुत स्पष्ट थे। सूत्र ने बताया, वे गोली चलाएंगे, तो हम गोली चलाएंगे हैं। वे रुकेंगे तो, हम रुकेंगे। यही हमारा संदेश था। सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी ने वेंस की बात सुनी और फिर उनसे कहा, अगर पाकिस्तान कुछ भी करता है, तो उन्हें इससे कहीं अधिक मजबूत और विनाशकारी जवाब मिलेगा। उसे यह समझने की जरूरत है।

पीएम मोदी ने दिया था सख्त संदेश
पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर भीषण जवाबी हमला
सूत्रों ने बताया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने शनिवार सुबह रफीकी, मुरीद, चकलाला, रहीम यार खान, सुक्कुर और चुनियान सहित कई पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर भीषण जवाबी हमला किया। उन्होंने बताया कि पसरूर और सियालकोट विमानन बेस पर रडार साइटों को भी सटीक हथियारों का इस्तेमाल करके निशाना बनाया गया, जिससे भारी नुकसान हुआ। शनिवार को भारतीय हमलों के कुछ घंटों बाद पाकिस्तानी सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) ने अपने भारतीय समकक्ष से लड़ाई खत्म करने का प्रस्ताव रखा।

पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला
पाकिस्तान ने लगाई अमेरिका से गुहार
दोनों DGMO के बीच बातचीत के लगभग दो घंटे बाद विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने घोषणा की कि भारत और पाकिस्तान ने तत्काल प्रभाव से जमीन, हवा और समुद्र पर सभी गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए सहमति बनाई है। सूत्रों ने बताया कि 10 मई को भारत के बड़े पैमाने पर सैन्य हमलों के बाद पाकिस्तानी पक्ष ने अमेरिकी प्रशासन से संपर्क किया। सूत्रों ने बताया कि बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जयशंकर को फोन किया और कहा कि पाकिस्तान इसे रोकने को तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच पहला संपर्क 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के तुरंत बाद हुआ था। मोदी सऊदी अरब में थे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री को फोन करके एकजुटता और समर्थन जताया था।
पीड़ित और अपराधी को एक समान नहीं मान सकते
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत के बाद नई दिल्ली ने अमेरिका से कहा कि वह केवल पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाइयों का जवाब देगा। एक सूत्र ने कहा, हमने अपने वार्ताकारों को जो स्पष्ट संदेश दिया है, वह यह है कि हम पीड़ित और अपराधी को एक समान नहीं मान सकते। यह निष्पक्षता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से नई दिल्ली आतंकवादी समूहों को यह संदेश देना चाहती थी कि कोई भी स्थान सुरक्षित नहीं है, और भारत के सशस्त्र बल पाकिस्तानी क्षेत्र में गहराई तक जाने में सक्षम हैं। (पीटीआई)
