संसद के बजट सत्र में लगातार हंगामा हो रहा है। लोकसभा और राज्यसभा की कार्रवाई लगातार स्थगित करनी पड़ रही है। वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार यानी 9 फरवरी 2026 को लोकसभा स्पीकर से मुलाकात और चर्चा के बाद सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने के संकेत दिए हैं।राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा, जिससे हंगामा हुआ।
राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा की। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, 'समझौता यह है कि हमें ये बातें कहने की इजाज़त दी जाएगी और फिर चर्चा होगी। इसलिए हम चाहते हैं कि चर्चा हो। हम चाहते हैं कि चर्चा हो, लेकिन अब देखते हैं कि सरकार क्या कहती है। मेरा मानना है कि सरकार बहस करने से डर रही है। प्रधानमंत्री सदन में इसलिए नहीं आए क्योंकि उन्हें डर था कि हम क्या कहने वाले हैं। उन्हें डर था कि पहले कदम के तौर पर उन्हें जनरल नरवणे की किताब दी जाएगी। मेरा अंदाज़ा है कि सरकार बजट पर बहस करने से घबरा रही है क्योंकि US डील का मुद्दा, जिस तरह से यह हुआ, जो हुआ, हमारे किसानों पर इसका क्या असर होगा, इस पर चर्चा होगी, और सरकार ऐसा नहीं चाहती...'
'हमारे सदस्यों द्वारा प्रधानमंत्री पर हमला करने का कोई सवाल ही नहीं...'
राहुल गांधी ने कहा कि 'मुद्दा यह है कि उनके एक सदस्य ने किताबें, कई किताबें कोट करते हुए बात की, बहुत घटिया बातें कहीं, और कुछ नहीं कहा गया। हमें यह बात पसंद नहीं है कि वे जब चाहें, जो चाहें कह सकते हैं, और विपक्ष नहीं कह सकता। एक मुद्दा हमारे सदस्यों का सस्पेंशन है। और आखिरी मुद्दा, जिससे हम बहुत परेशान हैं, वह यह विचार है जो फैलाया गया है कि सदस्य प्रधानमंत्री को धमकी देने वाले थे। इसका कोई सवाल ही नहीं है। सच्चाई बहुत साफ है। प्रधानमंत्री सदन में आने से डर रहे थे, सदस्यों की वजह से नहीं, बल्कि मेरी बातों की वजह से। वह अभी भी डरे हुए हैं क्योंकि वह सच्चाई का सामना नहीं कर सकते। हमारे सदस्यों द्वारा प्रधानमंत्री पर हमला करने का कोई सवाल ही नहीं है। उनमें आने की हिम्मत होनी चाहिए। मैंने यह भी कहा कि अगर किसी ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री पर हमला करने वाला है, तो कृपया तुरंत FIR करें। उस व्यक्ति को गिरफ्तार करें। आप ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? तो मूल रूप से यही हुआ है'
संसद के बजट सत्र में लगातार हंगामा
संसद के बजट सत्र में लगातार हंगामा हो रहा है। लोकसभा और राज्यसभा की कार्रवाई लगातार स्थगित करनी पड़ रही है। इस बीच एक बड़ा अपडेट ये है कि विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। हालांकि, विपक्ष के पास इतना संख्याबल नहीं है कि वह इस तरह के प्रस्ताव को पास करवा सके।
'राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा है'
सूत्रों के अनुसार विपक्ष की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सत्र के दूसरे चरण में लाया जा सकता है, क्योंकि ऐसे प्रस्ताव के लिए 20 दिन का नोटिस जरूरी है। सूत्रों के अनुसार विपक्ष की तरफ से अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार इसलिए क्या जा रहा है, क्योंकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। स्पीकर की तरफ से महिला सांसदों के नाम लिए गए। इसके अलावा 8 विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए लोकसभा से सस्पेंड करना भी एक कारण है।
'अब उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के अलावा कोई विकल्प नहीं'
कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद मल्लू रवि का कहना है कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ही ऐसी स्थिति पैदा कर दी है कि उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाए। विपक्षी पार्टियों के पास अब उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। जब भी हम बोलना चाहते हैं, सदन को स्थगित कर दिया जाता है। हम अपनी बात रखने के लिए समय मांगते हैं तो लोकसभा अध्यक्ष समय नहीं देते हैं, क्या किसी लोकतांत्रिक देश में ऐसा होता है कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने ही न दिया जाए? यह संसदीय लोकतंत्र नहीं है। भाजपा के पास सदन को चलाने की क्षमता नहीं है, वह सिर्फ विपक्ष पर दोषारोपण करती है।
