देश

'मुंडी पकड़कर किसी को भी महामंडलेश्वर बना दिया जा रहा है', ममता कुलकर्णी के संन्यास पर भड़के योग गुरु

Baba Ramdev : अभिनेत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने, 'कुछ महामंडलेश्वर बन गए। किसी के भी नाम के आगे बाबा जोड़ दिया। ओछी हरकतों को रील्स के जरिए लोगों तक पहुंचाना ठीक नहीं है। एक दिन में कोई संतत्व को उपलब्ध नहीं हो सकता। इसके लिए वर्षों की साधना और तप लगता है। इस साधुत्व को पाने में 50-50 वर्षों का तप लगता है।

Image

किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनी हैं ममता कुलकर्णी।

Baba Ramdev : महाकुंभ के दौरान रील्स और ग्लैमर के जरिए सामने आ रही फूहड़ता पर योग गुरु बाबा रामदेव ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। बिना तप, तपस्या और ज्ञान के लोगों को बाबा, संत और महामंडलेश्वर की उपाधि देने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई है। मीडिया से बातचीत में रामदेव ने कहा कि कोई एक दिन में संत नहीं बन सकता। संत बनने के लिए बड़ा त्याग करना पड़ता है। योग गुरु ने अभिनेत्री ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने पर भी आपत्ति जताई है।

एक दिन में कोई संतत्व को उपलब्ध नहीं हो सकता-रामदेव

रिपोर्टों के मुताबिक अभिनेत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने, 'कुछ महामंडलेश्वर बन गए। किसी के भी नाम के आगे बाबा जोड़ दिया। ओछी हरकतों को रील्स के जरिए लोगों तक पहुंचाना ठीक नहीं है। एक दिन में कोई संतत्व को उपलब्ध नहीं हो सकता। इसके लिए वर्षों की साधना और तप लगता है। इस साधुत्व को पाने में 50-50 वर्षों का तप लगता है। आजकल मैं देख रहा हूं कि किसी की भी मुंडी पकड़कर महामंडलेश्वर बना दिया जा रहा है।'

शुक्रवार को महाकुंभ पहुंचकर संन्यास लेने की घोषणा की

बॉलीवुड अभिनेत्री ने शुक्रवार को प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचकर संगम में आस्था की डुबकी लगाई और गृहस्थ जीवन से संन्यास लेने की घोषणा की।

किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरि उर्फ टीना मां ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ममता कुलकर्णी ने आज गंगा में डुबकी लगाई और गंगा के तट पर अपना पिंडदान किया। उनके मुताबिक, शाम करीब आठ बजे किन्नर अखाड़ा में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महामंडलेश्वर के रूप में उनका पट्टाभिषेक किया गया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी महेंद्रानंद गिरि, किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी और अन्य किन्नर महामंडलेश्वरों की उपस्थिति में सबसे पहले पांच महामंडलेश्वरों- गिरनारी नंद गिरि, कृष्णानंद गिरि, राजेश्वरी नंद गिरि, विद्या नंद गिरि और नीलम नंद गिरि का पट्टाभिषेक किया गया।

मिला नया नाम यमाई ममता नंद गिरि

कौशल्या नंद गिरि ने बताया कि इसके बाद फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी का पट्टाभिषेक किया गया और उन्हें नया नाम यमाई ममता नंद गिरि दिया गया है। पट्टाभिषेक के बाद लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने घोषणा की कि ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़ा की महिला शाखा में महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया गया और उन्हें नया नाम यमाई ममता नंद गिरि दिया गया। पट्टाभिषेक के बाद संवाददाता सम्मेलन में ममता कुलकर्णी ने बताया कि उन्होंने कुपोली आश्रम में जूना अखाड़ा के चैतन्य गगन गिरि महाराज से 23 साल पूर्व दीक्षा ली थी और वह दो साल से लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के संपर्क में हैं।

मेरी 23 साल की तपस्या को समझा -ममता

उन्होंने बताया, 'लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने मेरी 23 साल की तपस्या को समझा और स्वामी महेंद्रानंद गिरि महाराज ने मेरी परीक्षा ली जिसमें मैं उत्तीर्ण हुई। मुझे नहीं पता था कि पिछले तीन दिनों से मेरी परीक्षा ली जा रही है। मुझे कल ही महामंडलेश्वर बनाने का न्यौता मिला।' कुलकर्णी ने कहा, 'किन्नर अखाड़ा के मध्यम मार्गी होने के कारण मैं इसमें शामिल हुई। मुझे बॉलीवुड में वापस नहीं जाना था, इसलिए 23 साल पहले मैंने बॉलीवुड छोड़ दिया। अब मैं स्वतंत्र रूप से मध्यम मार्ग अपनाते हुए सनातन धर्म का प्रचार करूंगी। मैं इससे पूर्व 12 साल पहले यहां महाकुंभ में आई थी।'उन्होंने कहा, 'स्वामी महेंद्रानद गिरि, इंद्र भारती महाराज और एक अन्य महाराज मेरे सामने ब्रह्मा विष्णु महेश के रूप में सामने आ गए। मेरे मन ने कहा कि तुमने 23 साल तपस्या की तो इसका सर्टिफिकेट (महामंडलेश्वर का पद) तो बनता ही है।'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article