देश

5 साल के अंतराल के बाद भारतीय तीर्थयात्रियों का पहला जत्था पहुंचा 'कैलाश मानसरोवर यात्रा' पर

कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करना दोनों देशों द्वारा संबंधों को सामान्य करने की दिशा में उठाया गया पहला कदम माना जा रहा है।

Image

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025

Kailash Mansarovar Yatra 2025: भगवान शिव का निवास माने जाने वाले कैलाश पर्वत और मानसरोवर की पूजा-अर्चना के लिए तिब्बत रवाना हुआ भारतीय तीर्थयात्रियों का पहला जत्था बृहस्पतिवार को पवित्र स्थल पर पहुंचा। चीन के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'यह जानकर प्रसन्नता हुई कि तीर्थयात्रियों का पहला जत्था चीन के शिजांग (तिब्बत) स्वायत्त क्षेत्र में मपाम युन त्सो (मानसरोवर) झील पर पहुंच गया है।'

कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए गये 36 तीर्थयात्रियों का जत्था इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे पांच वर्ष के अंतराल के बाद इस पवित्र स्थान पर आने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों का पहला समूह हैं।

पूर्वी लद्दाख गतिरोध के बाद भारत और चीन के बीच चार साल से अधिक समय तक द्विपक्षीय संबंधों में गर्मजोशी नहीं रही। पिछले साल रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच बैठक के बाद दोनों देश संबंधों को फिर से बहाल करने पर सहमत हुए थे।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article