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उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर में कोई गड़बड़ी पैदा नहीं हुई, यह सेवा में बना रहेगा, बोले सेना प्रमुख

सेना प्रमुख ने कहा, मैं देशवासियों और भारतीय सेना को आश्वस्त करना चाहता हूं कि एएलएच में कोई खामी पैदा नहीं हुई है। इस तरह की छोटी-मोटी दुर्घटनाएं पूरी दुनिया में होती रहती हैं।

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सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी

Photo : PTI

HAL Not Hit Rough Patch: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (HAL) को लेकर सुरक्षा संबंधी आशंकाओं को दूर करने का प्रयास करते हुए कहा कि स्वदेशी हेलीकॉप्टर में कोई खामी नहीं है और यह सेना के लिए काम करता रहेगा। पुणे में 77वीं सेना दिवस परेड के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्होंने यह टिप्पणी की। इस महीने की शुरुआत में गुजरात के पोरबंदर में हुई दुर्घटना के बाद इस हेलीकॉप्टर को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताओं की खबरें आई हैं।

जनरल द्विवेदी से पूछा गया कि क्या इस घटना के बाद एएलएच में कोई खामी देखी गई है। सेना प्रमुख ने कहा, मैं देशवासियों और भारतीय सेना को आश्वस्त करना चाहता हूं कि एएलएच में कोई खामी पैदा नहीं हुई है। इस तरह की छोटी-मोटी दुर्घटनाएं पूरी दुनिया में होती रहती हैं। दुनिया में मौजूद सबसे बेहतरीन हेलीकॉप्टर भी ऐसी दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 और 2024 में भारतीय सेना ने 40,000 घंटे तक एएलएच उड़ाया है। और, उन 40,000 घंटों में केवल एक बार गड़बड़ी पैदा हुई। सेना प्रमुख ने कहा कि हम 15,000 फुट से अधिक की ऊंचाई पर उड़ान भरते हैं...इसलिए, एएलएच महत्वपूर्ण सैन्य संसाधन है। यह सेवा में बना रहेगा। हमें इस (प्लेटफॉर्म) पर 100 प्रतिशत भरोसा है।

एएलएच ध्रुव बेंगलुरु स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा निर्मित स्वदेशी रूप से विकसित हेलीकॉप्टर है। इसका सैन्य संस्करण एएलएच रुद्र है। पांच जनवरी को गुजरात के पोरबंदर हवाई अड्डे पर उतरते समय भारतीय तटरक्षक के एएलएच के दुर्घटनाग्रस्त होने से चालक दल के तीन सदस्यों की मौत हो गई थी।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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