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Aditya L1: आदित्य-एल1 ने लगाई एक और छलांग, पहुंचा सूर्य के और करीब

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Sep 19, 2023, 06:54 AM IST

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बताया कि भारत का सौर मिशन आदित्य-एल1 (Aditya-L1) ने एक और छलांग लगाई है। वह सफलतापूर्वक एक और लक्ष्य को पार कर लिया है। 110 दिन बाद सूर्य और पृथ्वी के बीच एल1 पॉइंट पर स्थापित होगा।

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Aditya L1 ने सफलतापूर्वक बढ़ाया एक और कदम

Photo : Twitter

बेंगलुरु: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने मंगलवार को घोषणा की कि उसके पहले सौर मिशन आदित्य-एल1 (Aditya-L1) ने ट्रांस-लैग्रेंजियन पॉइंट 1 इंसर्शन (TL1I) अगले लक्ष्य (Manoeuvre) को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और अंतरिक्ष यान अब एक प्रक्षेप पथ पर है जो इसे सूर्य-पृथ्वी L1 पॉइंट पर ले जाएगा। ISRO ने यह भी बताया कि यह लगातार 5वीं बार है कि इसरो ने किसी वस्तु को किसी अन्य खगोलीय पिंड या अंतरिक्ष में स्थान की ओर सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसरो ने लिखा कि आदित्य-एल1 मिशन सूर्य-पृथ्वी L1 पॉइंट की ओर बढ़ रहा है। ट्रांस-लैग्रेंजियन प्वाइंट 1 इंसर्शन (TL1I) Manoeuvre सफलतापूर्वक पूरा किया है। अंतरिक्ष यान अब एक प्रक्षेप पथ पर है जो इसे सूर्य-पृथ्वी L1 पॉइंट पर ले जाएगा। इसे करीब 110 दिनों के बाद एक प्रक्रिया के जरिये L1 के आसपास की कक्षा में स्थापित किया जाएगा। यह लगातार 5वीं बार है जब इसरो ने किसी वस्तु को किसी अन्य खगोलीय पिंड या अंतरिक्ष में स्थान की ओर सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया है।

इससे पहले आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष स्टेशन से आदित्य-एल1 (Aditya-L1) अंतरिक्ष यान ले जाने वाले एक लांचर को लॉन्च किया गया था। भारत के पहले सौर मिशन के प्राथमिक उद्देश्यों में वैज्ञानिक डेटा एकत्र करना और भारत के सौर अन्वेषण प्रयासों में एक और मील का पत्थर साबित करना है।

इससे पहले ISRO ने एक्स पर पोस्ट किया था कि आदित्य-एल1 ने वैज्ञानिक डेटा एकत्र करना शुरू कर दिया है। STEPS उपकरण के सेंसर ने पृथ्वी से 50,000 किमी से अधिक दूरी पर सुपर-थर्मल और ऊर्जावान आयनों और इलेक्ट्रॉनों को मापना शुरू कर दिया है। यह डेटा वैज्ञानिकों को पृथ्वी के आसपास के कणों के व्यवहार का विश्लेषण करने में मदद करता है। यह आंकड़ा किसी एक इकाई द्वारा एकत्र किए गए ऊर्जावान कण वातावरण में भिन्नता को प्रदर्शित करता है।

सुप्रा थर्मल एंड एनर्जेटिक पार्टिकल स्पेक्ट्रोमीटर (STEPS) उपकरण, जो कि आदित्य सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट (ASPEX) पेलोड का एक हिस्सा है। पहले अपना डेटा-एकत्रीकरण कार्य शुरू किया था।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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