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विवादों में Adipurush, बचाव में कूदी MNS: BJP को घेर पूछा- क्या रावण को असल में देखा है?

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  • Updated Oct 8, 2022, 08:20 AM IST

Adipurush Row: बीजेपी पर हमलावर होते हुए वह आगे बोले- टीजर देखने के बाद और अपनी गंदी राजनीति के लिए आप इस फिल्म को रेक रहे हैं। आप को राजनीति से आगे बढ़कर सोचना चाहिए। ऐसी गंदी सियासत हम नहीं स्वीकार करेंगे। एमएनएस इस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करती है। यह कहना बेहद आसान है कि आप इसका विरोध करते हैं, पर इस फिल्म के जिए 400 से 500 लोग अपना पेट भरेंगे।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

Photo : IANS

Adipurush Row: विवादों में घिरी फिल्म आदिपुरुष (Adipurush) को महाराष्ट्र में राज ठाकरे (Raj Thackeray) के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) का समर्थन मिला है। पार्टी नेता और फिल्म प्रड्यूसर अमेय खोपकर ने फिल्म के साथ उसके डायरेक्टर ओम राउत का बचाव किया है। साथ ही फिल्म की रिलीज का विरोध करने वालों का आड़े हाथों लिया है। खोपकर ने कहा है- हम राउत की फिल्म का समर्थन करते हैं। अगर आप (बीजेपी) कह रहे हैं कि फिल्म को नहीं चलने देंगे तब इस प्रकार की गुंडागर्दी महाराष्ट्र में नहीं बर्दाश्त की जाएगी। फिल्म रिलीज होकर रहेगी और एमएनएस टीम इसका समर्थन करती है।

बीजेपी पर हमलावर होते हुए वह आगे बोले- टीजर देखने के बाद और अपनी गंदी राजनीति के लिए आप इस फिल्म को रेक रहे हैं। आप को राजनीति से आगे बढ़कर सोचना चाहिए। ऐसी गंदी सियासत हम नहीं स्वीकार करेंगे। एमएनएस इस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करती है। यह कहना बेहद आसान है कि आप इसका विरोध करते हैं, पर इस फिल्म के जिए 400 से 500 लोग अपना पेट भरेंगे। हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और हमारे लिए किसी में कोई अंतर नहीं है। पहले फिल्म देखिए और उसके बाद फैसला लीजिए। सिर्फ टीजर देखकर आप कैसे सही और गलत का फैसला कर सकते हैं।

बकौल खोपकर, "राउत बड़े डायरेक्टर हैं। वह पहले 'तानाजी' और 'लोकमान्य' सरीखी फिल्में बना चुके हैं। उन्होंने लेजर भी डिजाइन किया और उसे पेश किया, जिसने शिवाजी पार्क के वीर सावरकर स्मारक में छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास को दर्शाया। वह सच्चे हिंदूवादी हैं और मैं उन्हें अच्छे से जानता हूं कि वह किसी भी देवी-देवता के खिलाफ फिल्म नहीं डायरेक्ट कर सकते।"

यही नहीं, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या राम कदम (बीजेपी नेता) ने कभी रावण को अपनी जिंदगी में असल में देखा है या फिर उनकी जेब में उसका फोटो है क्या? आपको डायरेक्टर्स को छूट देनी पड़ेगी। यहां आजादी का मतलब मेरा मतलब देवी और देवताओं के अपमान से नहीं है। मैं इस पूरे विवाद का विरोध करता हूं और एमएनएस अपना पूरा समर्थन इस फिल्म को देती है।

दरअसल, फिल्म का टीजर आने के बाद भगवान हनुमान और रावण के लुक और कॉस्ट्यूम को लेकर विवाद पनपा है, जिसमें आरोप लगाया गया कि रावण को दाढ़ी में खिलजी जैसा दिखाया गया, जबकि हनुमान को कथित तौर पर चमड़े के वस्त्र या एसेसरीज पहनाए गए। सोशल मीडिया पर इस दौरान फिल्म के पोस्टर और टीजर से जुड़े फोटो और मीम्स को लेकर लोगों ने तरह-तरह की टिप्पणियां भी कीं।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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