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अदालत में 'हाजिर' हुए अल्लू अर्जुन, नियमित जमानत के लिए दायर की याचिका

Actor Allu Arjun in Court: अपनी फिल्म पुष्पा से लोकप्रियता हासिल करने वाले अभिनेता अल्लू अर्जुन को इन दिनों पुलिस और कचहरी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। भगदड़ मामले में हैदराबाद के स्थानीय अदालत के समक्ष अल्लू अर्जुन पेश हुए। उन्होंने इस दौरान नियमित जमानत की याचिका दायर की। अल्लू अर्जुन की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई।

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अल्लू अर्जुन

Allu Arjun files plea for Regular Bail: “पुष्पा-2” के प्रीमियर के दौरान भगदड़ मचने से एक महिला की मौत के मामले में दर्ज प्राथमिकी में आरोपी अभिनेता अल्लू अर्जुन वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से शुक्रवार को यहां एक स्थानीय अदालत में पेश हुए। मामले में आरोपी नंबर 11 के तौर पर नामजद अल्लू अर्जुन ने अदालत में नियमित जमानत के लिए याचिका भी दायर की जिसपर 30 दिसंबर को सुनवाई हो सकती है।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश हुए अल्लू अर्जुन

घटना के संबंध में 13 दिसंबर को गिरफ्तार किए गए अभिनेता नामपल्ली की अदालत के समक्ष पेश हुए थे, जिसने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अभिनेता की न्यायिक हिरासत शुक्रवार को समाप्त हो गई। आगे की कार्यवाही के तहत उन्हें अदालत के समक्ष पेश होना था और वह वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश हुए।

35 वर्षीय महिला की मौत मामले में बढ़ी है परेशानी

अल्लू अर्जुन को जेल भेजे जाने के तुरंत बाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने उन्हें चार सप्ताह (13 दिसंबर से) के लिए अंतरिम जमानत दे दी थी और उन्हें 14 दिसंबर को जेल से रिहा कर दिया गया था। चार दिसंबर को हैदराबाद के संध्या थिएटर में अल्लू अर्जुन की फिल्म “पुष्पा 2” के प्रीमियर के दौरान अभिनेता की एक झलक पाने के लिए प्रशंसकों की होड़ के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी, जिसकी वजह से 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई और उसका आठ वर्षीय बेटा घायल हो गया।

घटना के बाद शहर की पुलिस ने मृतक महिला के परिवार से मिली शिकायत के आधार पर चिक्कडप्ली थाने में भारतीय न्याय सहिंता की विभिन्न धाराओं के तहत अल्लू अर्जुन, उनकी सुरक्षा टीम और सिनेमाघर के प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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