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पीएम मोदी से मिले अबू धाबी के क्राउन प्रिंस, कई मुद्दों को लेकर हुई चर्चा; जानिए कितना अहम है यह दौरा?

Abu Dhabi Crown Prince India Visit: अबू धाबी के क्राउन प्रिंस जायद अल नाहयान आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाले हैं। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा की संभावना है। बता दें, वित्त वर्ष 2022-23 में यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और दूसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बन गया। वहीं, यूएई के लिए भारत दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

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पीएम मोदी से मिले अबू धाबी के क्राउन प्रिंस।

Photo : ANI

Abu Dhabi Crown Prince India Visit: अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान अपने दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं। सोमवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच यूएई और भारत के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर चर्चा हुई। बता दें, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर दिल्ली पहुंचे। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस का यह पहला भारत दौरा है। उनके साथ संयुक्त अरब अमीरात के कई मंत्री और एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत पहुंचे हैं।

जानकारी के मुताबिक, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस जायद अल नाहयान आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिलेंगे। इसके अलावा वह महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट भी जाएंगे। बता दें, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस का भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब इजराइल-हमास युद्ध को लेकर मध्य पूर्व में स्थिति तनावपूर्ण है।

मुंबई में व्यापारिक फोरम में लेंगे भाग

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस आज एक व्यापारिक फोरम में भाग लेने के लिए मुंबई जाएंगे, जिसमें दोनों देशों के उद्योग जगत की शीर्ष हस्तियां शामिल होंगी। इससे पहले विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत और यूएई के बीच ऐतिहासिक रूप से घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। हाल के वर्षों में भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी राजनीतिक, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और संस्कृति सहित कई क्षेत्रों में गहरी हुई है। क्राउन प्रिंस की यात्रा भारत-यूएई द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगी तथा नए उभरते क्षेत्रों में साझेदारी के रास्ते खोलेगी।

इसी साल भारत आए थे यूएई के सुल्तान

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस से पहले इसी साल जनवरी में, यूएई के राष्ट्रपति और सुल्तान मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने भारत का दौरा किया था और प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी चर्चाओं के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों की खोज की। उन्होंने वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के 10वें संस्करण में भी भाग लिया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, वर्ष 2022 में भारत-यूएई व्यापार बढ़कर 85 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जिससे वित्त वर्ष 2022-23 में यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और दूसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बन गया। वहीं, यूएई के लिए भारत दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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