जलंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड में जहां अनुसूचित जाति (एस.सी.) वर्ग के 2.7 लाख से अधिक विद्यार्थियों को वजीफा वितरण की शुरुआत के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘रंगला पंजाब’ मिशन तहत 271 करोड़ रुपये का पोस्ट-मैट्रिक वजीफा अपने बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने प्रतिक सरकार की पहल को स्पष्ट करता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस, अकाली और भाजपा सत्ता में रहते हुए अपने परिवारों के हित पालती रही है जबकि दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी केवल पंजाब के नौजवानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने पर ध्यान दे रही है।
साल 2020-21 के मुकाबले लाभार्थियों की संख्या में 35 प्रतिशत वृद्धि होने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वृद्धि सरकार के शिक्षा सुधारों की गवाही देती है। उन्होंने कहा कि स्कॉलरशिप केवल वित्तीय मदद नहीं है बल्कि स्व-निर्भरता का जरिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने इस योजना के साथ जान-बूझकर कई साल अनदेखी करते सिस्टम को दुरुस्त करने का बड़ा प्रयास किया है क्योंकि फंड जारी करने में देरी करने और फंडों के दुरुपयोग से विद्यार्थी परीक्षाओं में बैठने से वंचित रह जाते थे।
साल 2017 से 2020 तक के समय को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्कीम लगभग ठप हो गई थी, जिस कारण शिक्षा सस्थाओं ने विद्यार्थियों की डिग्रियां रोक ली थी। मुख्यमंत्री ने कहा, “इस स्कीम तहत एक घोटाला हुआ था और हर पंजाबी इससे बहुत निराश और दुखी हुआ था। इस विभाग के तत्काली मंत्री ने कमजोर वर्गों के बच्चों की शिक्षा के लिए गैर-कानूनी ढंग से पैसा कमाने के लिए अपने ही भाईचारे के साथ धोखा किया।” उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए फंड हड़प लिए गए जिससे उन्हें सही मौकों से वंचित कर दिया गया।
शिक्षा की महत्ता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कमजोर और पिछड़े वर्गों की तकदीर बदलने के लिए शिक्षा ही एक ही जरिया है। बदकिस्मती से सरकारों ने जान-बूझकर इन विद्यार्थियों को लगातार किताबों से दूर रखा। आज हमारी सरकार उन्हें अपने सपने साकार करने और जिंदगी में बुलंदियों को छूने का मौका दे रही है।” मां-बापों को मुबारकबाद देते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनकी कुर्बानियां और सख्त मेहनत विद्यार्थियों को शिक्षा हासिल करके आगे बढ़ने के लिए सही मायनों में प्रेरणा का स्रोत बने हैं।
मुख्यमंत्री ने स्टेज से संत राम उदासी की कविता, ‘मघदा रहैं वे सूरजा कम्मियां दे विहड़े’ भी सांझी की। उन्होंने कहा, “यह कविता मेरे दिल के बहुत नजदीक है और लोगों को सदा सख्त मेहनत करने में विश्वास करने के लिए प्रेरित करती है।” उन्होंने नौजवानों को अपनी जिंदगी में लक्ष्य तय करने की अपील करते हुए कहा कि सख्त मेहनत ही इस लक्ष्य को प्राप्त करने का एक ही रास्ता है।
मुख्यमंत्री मान ने सांझा किया कि पंजाब के ‘नेशनल अचीवमेंट सर्वे’ में केरल को भी पछाड़ दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल आधुनिक युग के शिक्षा मंदिर बन गए हैं, जो लगातार विद्यार्थियों की जिंदगी को रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा विद्यार्थियों को हथियारबंद सैनाओं में भर्ती परीक्षाओं की तैयारी और नीट, जे.ई.ई., सी.एल.ई.टी. (क्लैट) और एन.आई.एफ.टी. जैसे मुकाबले की परीक्षाओं के लिए कोचिंग प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. मेन्स, जे.ई.ई. एडवांस्ड और नीट के लिए क्वालीफाई किया है।
स्वास्थ्य संभाल सुधारों का हवाला देते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना तहत सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों समेत पंजाब के सारे 65 लाख परिवारों को बिना किसी आमदनी की शर्त के 10 लाख रुपये तक का नकदी रहित इलाज प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सभी नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य संभाल सेवाएं प्रदान करने वाला पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि 881 आम आदमी क्लीनिक रोजाना मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले चार सालों में 63,027 सरकारी नौकरियां पारदर्शी ढंग से बिना रिश्वत या सिफारिश के दी गई है। उन्होंने कहा कि साल 2022 से 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है और यह पहली बार हुआ है जब किसानों को धान के सीजन दौरान दिन में आठ घंटे से अधिक निर्विघ्न बिजली मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 18,349 खालों के 6,900 किलोमीटर हिस्से को पुनसुर्जित किया गया है ताकि पानी को टेलों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व को मनाने से बाद पंजाब सरकार श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी कर रही है, जिसमें राज्य भर में अलग-अलग प्रोग्रामों की योजना बनाई जाएगी।
रिवायती सियासी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पार्टियां इस सच को हजम नहीं कर पा रही हैं कि एक आम परिवार से संबंधित व्यक्ति पंजाब का शासन इतने अच्छे ढंग से कैसे चला रहा है। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों की लोक विरोधी और पंजाब विरोधी सोच के कारण लोगों का इनसे विश्वास उठ गया है। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों के नेता पंजाब और इसके लोगों से ज्यादा अपने परिवारों को पहल देते आए हैं, जिस कारण लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
इस मौके कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और डा. बलजीत कौर ने भी लोगों को संबोधित किया। इस मौके लाभार्थी विद्यार्थियों ने भावुकता के साथ अपने अनुभव भी सांझे किए, जिसमें एम.बी.बी.एस. कर रहे दिलप्रीत सिंह ने उसे डा. दिलप्रीत में बदलने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह पंजाब सरकार का इतना ज्यादा शुक्रगुजार है कि उसके पास धन्यवाद के लिए शब्द भी कम पढ़ रहे हैं। बी.ए. एल.एल.बी. की विद्यार्थी हरशिता ने कहा कि इस स्कीम ने उनके सपनों को हकीकत में बदल दिया है और साबित कर दिया है कि आप सरकार अपने वादों पर खरी उतरी है। सुरसंगम कौर ने कहा कि स्कॉलरशिप ने उन्हें बुलंदियां छूने के लिए उड़ान भरने के लिए पंख दिए है जबकि लैमरिन स्किल यूनिवर्सिटी के दिलप्रीत सिंह ने कहा कि उसके परिवार की कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण इस स्कीम ने उसकी जिंदगी बदलने में निर्णायक भूमिका निभाई है। गरीब विद्यार्थियों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री की इस नेक पहल के लिए धन्यवाद करते हुए डी.आई.पी.एस. कॉलेज, ढिल्लवां से नवांश सिद्धू ने कहा कि वह आम परिवार से संबंध रखता है और इस पहलकदमी ने उसके सपने पूरे करने में हर प्रकार से मदद की है।
इस मौके कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां और मोहिंदर भगत, लोकसभा सदस्य राज कुमार चब्बेवाल, राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलवीर सिंह सीचेवाल, विधायक बलकार सिंह, पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक के चेयरमैन पवन टीनू, पंजाब राज्य सफाई कर्मचारी कमीशन के चेयरमैन चंदन ग्रेवाल सहित अन्य प्रमुख शख्सियतें मौजूद थी।
