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कर्तव्य पथ पर गुजरात की रंगारंग झांकी, ‘धोरडोः गुजरात के सरहदी पर्यटन की वैश्विक पहचान’

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 26, 2024, 03:05 PM IST

Colorful Tableau of Gujarat Based: 75वें गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर ‘धोरडोः गुजरात के सरहदी पर्यटन की वैश्विक पहचान’ विषय पर आधारित गुजरात की रंगारंग झांकी प्रस्तुत की गई। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल धोरडो की झांकी आकर्षण का केंद्र बनी।

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‘धोरडोः गुजरात के सरहदी पर्यटन की वैश्विक पहचान’

75th Republic Day: अमृत काल के पहले गणतंत्र दिवस यानी 75वें गणतंत्र पर्व के अवसर पर 26 जनवरी, 2024 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित राष्ट्रीय परेड में गुजरात के पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने वाली झांकी ‘धोरडोः गुजरात के सरहदी पर्यटन की वैश्विक पहचान’ के नयनाभिराम प्रदर्शन ने सभी का मन मोह लिया।

गुजरात पर आधारित झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

हाल ही में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) ने धोरडो को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया है। यह सीमावर्ती गांव अपनी जीवटता और ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के साथ ही राज्य एवं देश के सरहदी पर्यटन को बढ़ावा देता है। आज प्रस्तुत की गई गुजरात की यह सुंदर कलाकृतियों से सजी सतरंगी झांकी कर्तव्य पथ पर लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गई थी।

यूएनडब्ल्यूटीओ की सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल

पर्यावरणीय, भौगोलिक और प्राकृतिक विषमताओं से भरे कच्छ के रण में स्थित राज्य का सीमावर्ती गांव धोरडो अनेक प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद पर्यटन क्षेत्र में सिरमौर स्थल बनकर उभरा है। परंपरा, पर्यटन और टेक्नोलॉजी के शानदार संयोजन के कारण ही धोरडो को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) की सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया गया है, जो वास्तव में ‘विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करता है। इस झांकी में कच्छ की पहचान बन चुके पारम्परिक घर ‘भूंगा’, रण उत्सव, टेंट सिटी, कच्छ की विभिन्न कढ़ाई-बुनाई कला और डिजिटल क्रांति को बहुत ही सुंदर तरीके से पेश किया गया था।

Dhordo Global identity of Gujarat's Border Tourism

गुजरात पर आधारित झांकी।

यही नहीं, यूनेस्को द्वारा हाल ही में गुजरात के गरबा को ‘अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ में शामिल करने के कारण इसकी प्रस्तुति ने भी इस झांकी में चार चांद लगा दिए। आज के इस राष्ट्रीय पर्व में देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, केंद्रीय कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रीगण, सेना के तीनों अंगों के प्रमुख और विभिन्न राज्यों से आए आमंत्रित अतिथियों के अलावा बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इस वर्ष गणतंत्र दिवस की राष्ट्रीय परेड में 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तथा केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों की 09 झांकियों सहित कुल 25 झांकियां प्रदर्शित की गईं। गुजरात सरकार के सूचना विभाग की ओर से प्रस्तुत इस झांकी के निर्माण में सूचना एवं प्रसारण सचिव अवंतिका सिंह औलख, सूचना निदेशक धीरज पारेख, अतिरिक्त निदेशक अरविंद पटेल के मार्गदर्शन में पंकजभाई मोदी तथा उप सूचना निदेशक संजय कचोट का योगदान महत्वपूर्ण रहा। इस झांकी का निर्माण स्मार्ट ग्राफ आर्ट एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड के सिद्धेश्वर कानूगा ने किया था।

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