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'लाल आतंक' के खिलाफ बड़ी कामयाबी, छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश सीमा पर 6 नक्सली ढेर, टॉप कमांडर हिड़मा के मारे जाने की खबर

मारे गए नक्सलियों में बड़े कैडर के नक्सलियों की मौजूदगी की भी खबर है। 'लाल आतंक' के खिलाफ जवानों की यह बड़ी कामयाबी बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक मुठभेड़ में मोस्ट वांटेड नक्सली हिड़मा और उसकी पत्नी के भी मारे जाने की खबर है। हिड़मा के सिर पर 1 करोड़ रुपए का इनाम था।

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छत्तीसगढ़, आंध्र सीमा पर हुई मुठभेड़। तस्वीर-PTI, फाइल फोटो

Photo : PTI

Naxal encounter : छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश की सीमा पर जवानों और नक्सलियों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में छह नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों के साथ यह मुठभेड़ आंध्र प्रदेश के अल्लुरी सीताराम जिले के इलाके में जारी है। मारे गए नक्सलियों में बड़े कैडर के नक्सलियों की मौजूदगी की भी खबर है। 'लाल आतंक' के खिलाफ जवानों की यह बड़ी कामयाबी बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक मुठभेड़ में मोस्ट वांटेड नक्सली हिड़मा और उसकी पत्नी के भी मारे जाने की खबर है। हिड़मा के सिर पर 1 करोड़ रुपए का इनाम था। हालांकि, हिड़मा के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि उसके शव की जांच के बाद होगी।

हिड़मा कम से कम 26 घातक हमलों के लिए जिम्मेदार था। इन बड़े हमलों में 2013 का दरभा घाटी नरसंहार और 2017 सुकमा हमले शामिल है। हिड़मा लंबे समय से सुरक्षा बलों की तलाश में था।

इस वर्ष 263 नक्सली मारे गए

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एर्राबोर थाना क्षेत्र के जंगल में माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने उनके खिलाफ अभियान शुरू किया था। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के दौरान आज सुबह से सुरक्षाबल और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी हुई। बाद में सुरक्षबलों ने घटनास्थल से एक नक्सली का शव बरामद किया। इस कार्रवाई के साथ, इस वर्ष अब तक छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ों में 263 नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें से 234 बस्तर संभाग में मारे गए, जिसमें सुकमा सहित सात जिले शामिल हैं। जबकि 27 अन्य रायपुर संभाग के गरियाबंद जिले में मारे गए। दुर्ग संभाग के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में दो नक्सली मारे गए।

हिड़मा से जुड़े अहम तथ्य

  • जन्म: 1981, पूवर्ति, सुकमा (छत्तीसगढ़)
  • पद: पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का प्रमुख —माओवादियों की सबसे घातक हमलावर इकाई।
  • वह CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य था।
  • वह बस्तर क्षेत्र से सेंट्रल कमेटी में शामिल होने वाला एकमात्र आदिवासी था।
  • हिड़मा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजे (राजक्का) भी मारी गई।
  • असली नाम: संतोष

मुख्य हमले जिनमें वह शामिल था:

  • 2010 दंतेवाड़ा हमला: 76 सीआरपीएफ जवान शहीद
  • 2013 झीरम घाटी नरसंहार: 27 लोग मारे गए, जिनमें शीर्ष कांग्रेसी नेता शामिल
  • 2021 सुकमा-बीजापुर मुठभेड़: 22 सुरक्षा कर्मी शहीद
Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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