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Akasa, Vistara और Air India समेत 30 उड़ानों को मिली बम की धमकी, करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

Bomb Threat on Flight: पिछले कुछ दिनों में भारतीय विमानन कंपनियों द्वारा संचालित लगभग 40 उड़ानों में बम होने की धमकियां मिली थीं, हालांकि बाद में ये सभी झूठी साबित हुईं। नागर विमानन मंत्रालय, विमानन कंपनियों को मिल रहीं बम की झूठी धमकियों की घटनाओं को रोकने के लिए अपराधियों को ‘नो-फ्लाई’ सूची में डालने समेत सख्त नियम लागू करने की योजना बना रहा है। इस सूची का मकसद उपद्रवी यात्रियों की पहचान करना और उन्हें विमान में चढ़ने से प्रतिबंधित करना है।

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20 उड़ानों में बम की धमकी।

Photo : Twitter

Bomb Threat on Flight: डोमेस्टिक व इंटरनेशनल फ्लाइट्स में बम की धमकी मिलने का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब आकासा, विस्तारा, एयर इंडिया समेत 30 उड़ानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसमें आकासा, विस्तारा, एयर इंडिया और इंडिगो की पांच-पांच फ्लाइट्स शामिल हैं। बता दें, बीते सोमवार से अब तक करीब 80 फ्लाइट्स को इस तरह की धमकी मिल चुकी हैं

अधिकारियों ने बताया कि लगभग सभी धमकियां झूठी निकली हैं। विमानन कंपनी विस्तारा के तीन अंतरराष्ट्रीय विमानों में बम होने की धमकी मिली थी, जो बाद में यह झूठी निकलीं। एहतियात के तौर पर एक विमान का मार्ग परिवर्तित कर उसे फ्रैंकफर्ट ले जाया गया था। विस्तारा के एक प्रवक्ता ने एक बयान में बताया कि दिल्ली से उड़ान भरने वाले तीन विमानों को सोशल मीडिया पर शुक्रवार को सुरक्षा संबंधी धमकियां मिली थीं और प्रोटोकॉल के तहत, सभी संबंधित अधिकारियों को तुरंत सतर्क कर दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी से लंदन, पेरिस और हांगकांग जाने वाले विस्तारा के विमानों में बम की धमकी मिली थी, जो बाद में झूठी निकलीं।

आकासा एयर को भी आई धमकी

इस बीच, अकासा एयर ने शनिवार तड़के बताया कि बेंगलुरु से शुक्रवार को मुंबई रवाना होने वाली उसकी उड़ान संख्या ‘क्यूपी 1366’ को उड़ान भरने से कुछ समय पहले सुरक्षा संबंधी अलर्ट मिला था। विमानन कंपनी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं के तहत, सभी यात्रियों को विमान से उतारना पड़ा क्योंकि स्थानीय प्राधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करना था। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप इसे समझें। हमारी टीम ने आपकी असुविधा को कम करने के लिए हर संभव प्रयास किया है।

एयर इंडिया को भी मिली धमकी

अधिकारियों ने बताया कि दुबई से जयपुर आने वाले एअर इंडिया एक्सप्रेस के एक विमान को बम की धमकी मिलने के बाद जयपुर हवाई अड्डे पर शनिवार तड़के आपात स्थिति में उतारना पड़ा। हालांकि, बाद में यह धमकी भी झूठी निकली। एक अधिकारी ने बताया कि जब संबंधित अधिकारियों को इस बारे में सूचित किया गया तो हवाई अड्डे पर आपातकाल घोषित कर दिया गया। विमान में 189 यात्री सवार थे। उन्होंने बताया कि विमान को शुक्रवार देर रात 1.20 बजे हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतारा गया। विमान की गहनता से जांच की गई लेकिन उसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

इंडिगो ने भी जारी किया गया बयान

इस बीच इंडिगो ने भी बयान जारी कर ऐसी ही जानकारी दी है। इंडिगो को ने बताया कि, मुंबई से इस्तांबुल जाने वाली फ्लाइट 6E 17 और दिल्ली से इस्तांबुल जाने वाली उड़ान 6E 11 में भी बम की धमकी मिली है। इंडियो ने कहा है कि हमारे यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और हम संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक सावधानियां बरत रहे हैं।

इन फ्लाइट्स में मिली बम होने की धमकी -

आकासा एयर

QP 1323

QP 1371

QP 1373

QP 1385

QP 1405

विस्तारा

UK 106

UK 27

UK 107

UK 121

UK 131

एयर इंडिया

AI 101

AI 105

AI 126

AI 119

AI 161

इंडिगो

6E 11

6E 17

6E 58

6E 108

6E 184

स्पाइस जेट

SG 55

SG 116

SG 211

SG 476

SG 2939

एयर एशिया

9I 506

9I 528

9I 822

9I 661

9I 804

बड़ी कार्रवाई की तैयारी में DGCA

विमानों में बम की धमकी के बाद र नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। डीजीसीए ने सुझाव दिया कि फर्जी कॉल करने वालों को पांच साल के लिए नो-फ्लाई लिस्ट में डालने जैसे कई कदम उठाए जाएंगे। एयरलाइन्स का सुझाव है कि फर्जी बम धमकियों के कारण उन्हें जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई भी आरोपियों से की जानी चाहिए। सूत्रों का कहना है कि विभाग नियमों और कानूनों में बदलाव पर विचार कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस तरह की झूठी बम कॉलें न हों। जल्द ही जांच की रिपोर्ट के आधार पर कानून में बदलाव लाए जा सकते है।

(इनपुट - प्रियांक त्रिपाठी)

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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