Congress Rally: राजधानी दिल्ली में आज (1 नवंबर) राजनीतिक हलचल चरम पर है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित 'वोट चोरी' और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन दिल्ली के रामलीला मैदान में अपनी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली का आयोजन कर रहा है। इसे लेकर दिल्ली में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। रामलीला मैदान की रैली से ठीक एक दिन पहले शनिवार (31 अक्टूबर) को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर विपक्षी नेताओं की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
4,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
इसके तहत मार्च मार्ग और आयोजन स्थल पर 4,000 से अधिक पुलिसकर्मी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कंपनियां तैनात की जाएंगी। रामलीला मैदान को 14 सुरक्षा क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जिनमें से प्रत्येक की निगरानी सहायक आयुक्त रैंक के अधिकारी द्वारा की जाएगी। 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और बॉडी-वियर कैमरे सभा पर नजर रखेंगे, जबकि मैदान के अंदर एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। आयोजकों ने 10 लाख तक प्रतिभागियों की उम्मीद जताई है, लेकिन दिल्ली पुलिस का अनुमान है कि लगभग 50,000 लोग ही शामिल होंगे। अधिकारियों ने बताया कि खाली होने पर मैदान में 45,000-50,000 लोग आ सकते हैं, लेकिन कुर्सियों, बाड़ों और गलियारों के साथ इसकी प्रभावी क्षमता लगभग 30,000-40,000 तक कम हो जाएगी। भीड़ के फैलाव को संभालने के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध रखा जाएगा।
महारैली से पहले ‘जन महाभियोग’
रामलीला मैदान की रैली से ठीक एक दिन पहले शनिवार (31 अक्टूबर) को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर विपक्षी नेताओं की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक 'जन महाभियोग' (Public Impeachment) का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। प्रस्ताव में ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की गई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग द्वारा की गई एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के जरिए करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाकर उन्हें मताधिकार से वंचित किया गया है।
राहुल गांधी का हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सीईसी ने 'देश की आत्मा पर हमला' किया है। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि विपक्ष इस मामले को न तो भूलेगा और न ही माफ करेगा। विपक्षी दल के दिग्गज नेता दोपहर 12 बजे कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के आवास से बसों में सवार होकर मिंटो रोड-कनॉट प्लेस चौराहे पहुंचेंगे। वहां से राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी नेता रामलीला मैदान की ओर 'चलो दिल्ली' पदयात्रा निकालेंगे।
मंच की तैयारी
रामलीला मैदान में मुख्य मंच पर एक विशाल तिरंगामयी शामियाना बनाया गया है। 'इंडिया' गठबंधन की विभिन्न राज्य इकाइयों के प्रतिनिधियों के लिए अलग मंच की व्यवस्था की गई है। मार्च के बाद रामलीला मैदान में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार, अखिलेश यादव, और गठबंधन के अन्य शीर्ष नेता विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। विपक्षी गठबंधन ने दावा किया है कि देशभर से 10 लाख लोग और समर्थक इस रैली में शामिल होने दिल्ली पहुंच रहे हैं।
रैली में विपक्षी राजनीतिक दलों के अलावा विभिन्न छात्र संगठनों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों, और श्रमिकों ने भी हिस्सा लिया है। त्योहारी सीजन (दिवाली, छठ और भाईदूज) का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने रैली में आने वाले कार्यकर्ताओं और जनता से एक खास अपील की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली आ रहे लाखों लोग विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ स्थानीय बाजारों से खरीदारी भी करें, ताकि त्योहारी सीजन में दिल्ली के छोटे व्यापारियों को सीधा आर्थिक फायदा पहुंचे।
दिल्ली पुलिस के कड़े इंतजाम और ट्रैफिक एडवाइजरी
सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती की गई है। रामलीला मैदान को 14 जोन में बांटा गया है, जहां एसीपी स्तर के अधिकारी निगरानी कर रहे हैं।पूरे परिसर और मार्च रूट पर 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और बॉडी-वोर्न कैमरों से पैनी नजर रखी जा रही है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मध्य दिल्ली की कई सड़कों पर आवाजाही बाधित रहेगी। दिल्ली पुलिस ने वाहन चालकों को कनॉट प्लेस, मिंटो रोड, और आस-पास के रास्तों से बचने की सलाह दी है।
बीजेपी का जवाबी विरोध मार्च
विपक्ष की इस मेगा रैली के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी आज दिल्ली में अपना आक्रामक रुख अपनाया है। बीजेपी ने विपक्षी रैली को एक 'राजनीतिक नौटंकी' बताते हुए पश्चिमी दिल्ली के हरी नगर इलाके में अपना विरोध मार्च निकालने का फैसला किया है, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
