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नेहरू का रिकॉर्ड ध्वस्त! PM मोदी ने रचा नया इतिहास, सरकार के 12 साल पूरे होने पर दिल्ली में जुटेगा NDA

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के 1952 के आम चुनाव के बाद निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिनों के कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीएम मोदी ने आज पीछे छोड़ दिया। नेहरू का कार्यकाल 1947 से 1952 तक एक अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में था क्योंकि 1952 तक चुनाव नहीं हुए थे।

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नेहरू का रिकॉर्ड ध्वस्त! PM मोदी ने रचा नया इतिहास, सरकार के 12 साल पूरे होने पर दिल्ली में जुटेगा NDA

दिल्ली : केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के 12 साल पूरे होने और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के सबसे लंबे समय तक भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री होने की उपलब्धि हासिल करने के उपलक्ष्य में बुधवार को एनडीए की बैठक आयोजित की जा रही है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सभी घटक दलों के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी सहित भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने की संभावना है। मोदी 10 जून को भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबे समय तक पद पर बने रहने वाले व्यक्ति बन गए और इसी के साथ उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। सूत्रों के अनुसार, एनडीए सहयोगियों की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

कितने दिन पीएम रहे जवाहर लाल नेहरू

नेहरू के 1952 के आम चुनाव के बाद निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिनों के कार्यकाल के रिकॉर्ड को मोदी 10 जून को पीछे छोड़ दिया। नेहरू का कार्यकाल 1947 से 1952 तक एक अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में था क्योंकि 1952 तक चुनाव नहीं हुए थे।

इंदिरा गांधी का कार्यकाल

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का कार्यकाल 14 वर्ष का था जो मोदी के कार्यकाल से अधिक है लेकिन उनका प्रधानमंत्री पद पर कार्यकाल निर्बाध नहीं था। नेहरू के 4,399 दिनों के रिकॉर्ड को तोड़कर मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन जाएंगे। भारी बहुमत से जीत हासिल करने के बाद मोदी ने 26 मई, 2014 को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। उन्हें 2019 में और अधिक जनादेश के साथ पुनः चुना गया और उनका दूसरा कार्यकाल उसी वर्ष 30 मई को शुरू हुआ। उनका तीसरा कार्यकाल नौ जून, 2024 को शुरू हुआ।

एक सूत्र ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देने और उनके नेतृत्व के प्रति राजग की कृतज्ञता व्यक्त करने वाला विशेष प्रस्ताव आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पेश करेंगे। इस प्रस्ताव का समर्थन नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो करेंगे, जिसके बाद गठबंधन के कई नेताओं के चर्चा में भाग लेने की संभावना है और फिर प्रस्ताव को औपचारिक रूप से स्वीकार किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, प्रस्ताव पारित होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के राजग सम्मेलन को संबोधित करने की संभावना है। भारत मंडपम में होने वाली बैठक में राजग शासित सभी 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री तथा गठबंधन के सभी घटक दलों के नेता शामिल होंगे। सूत्रों ने कहा कि बैठक में राजग के 35 घटक दलों का प्रतिनिधित्व करने वाले करीब 75 वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इनमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, पार्टी अध्यक्ष और गठबंधन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक की अध्यक्षता भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे।

इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, राजनाथ सिंह, अमित शाह, जेपी नड्डा और शिवराज सिंह चौहान सहित कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। राजग के घटक दलों के केंद्रीय मंत्री के. राम मोहन नायडू (तेदेपा), राजीव रंजन सिंह (जदयू), एच. डी. कुमारस्वामी (जद-एस) और अनुप्रिया पटेल (अपना दल-सोनेलाल) के भी बैठक में शामिल होने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, राजग के नेताओं और केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच ’जीवन की सुगमता’ एवं ’व्यापार की सुगमता’ को बढ़ावा देने से संबंधित दृष्टिकोणों और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान होगा और 2047 तक ’विकसित भारत’ के साझा सपने को साकार करने के लिए आगे सुधार लाने के तरीकों पर चर्चा होगी।

सूत्रों ने कहा कि इस सम्मेलन में राजग की एकता और सामूहिक शक्ति को भी प्रदर्शित किए जाने की संभावना है तथा देशभर से राजग नेता पिछले एक दशक में शासन, विकास और राष्ट्रीय नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान को रेखांकित करने के लिए एक साथ आएंगे। बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय विकास कार्यक्रमों, अवसंरचना कार्यक्रमों और 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के मोदी सरकार के दृष्टिकोण की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। बैठक में जारी विकास योजनाओं पर राज्यों और केंद्र के बीच सहज तालमेल कायम करने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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