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Karnataka Election 2023: 103 साल के महादेव महालिंगा ने घर से डाला वोट, पीएम मोदी ने जताया आभार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 3, 2023, 09:29 PM IST

Karnataka Election 2023: 103 साल के महादेव महालिंगा माली ने कर्नाटक में 10 मई को होने वाले चुनाव में मतदान की इच्छा जताई। इसके बाद चुनाव आयोग के अधिकारी महालिंगा माली के चिकोड़ी के स्थिति इंगली गांव में उनके घर पहुंचे और उन्हें मतदान की प्रक्रिया के बारे में बताया।

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103 साल के महादेव महालिंगा माली ने डाला वोट

Photo : Twitter

Karnataka Election 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में 10 मई को होने वाले मतदान से पहले लोकतंत्र की एक बहुत ही खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। यहां के बेलगावी जिले में रहने वाले 103 साल के महादेव महालिंगा माली ने चुनाव से पहले घर से मतदान कर लोकतंत्र की परंपरा निभाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग ने इसके लिए उन्हें बधाई दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है, महादेव महालिंगा माली ने लोकतंत्र को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता से कई लोगों को प्रेरित किया है। यह कर्नाटक की संस्कृति के अनुरूप भी है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों को बहुत महत्व देती है। वहीं, मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार ने महादेव को फोन कर उनका आभार व्यक्त किया।

103 की उम्र में जताई मतदान करने की इच्छा

जानकारी के मुताबिक, 103 साल के महादेव महालिंगा माली ने कर्नाटक में 10 मई को होने वाले चुनाव में मतदान की इच्छा जताई। इसके बाद चुनाव आयोग के अधिकारी महालिंगा माली के चिकोड़ी के स्थिति इंगली गांव में उनके घर पहुंचे और उन्हें मतदान की प्रक्रिया के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने अपना वोट डाला। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई है।

बेलगावी जिले में 1,350 100 वर्षीय मतदाता

सहायक आयुक्त माधव गित्ते ने बताया, बेलगावी जिले में 1,350 से अधिक शतायु हैं, जिन्हें घर से मतदान करने का विकल्प दिया जाएगा। बता दें, कोरोना महामारी के बाद चुनाव आयोग ने कोरोना संक्रमित और 80 वर्ष से अधिक बुजुर्गों को घर से मतदान कराने का विकल्प दिया था।

224 सीटों पर होना है मतदान

बता दें, कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों पर एक चरण में 10 मई को मतदान होना है। 13 मई को मतों की गिनती की जाएगी और इसी दिन चुनाव के नतीजे भी जारी होंगे। कर्नाटक में भाजपा जहां सत्ता में दोबारा वापसी के लिए संघर्ष कर रही है तो वहीं कांग्रेस भी सत्ता में आने के लिए कड़ा प्रयास कर रही है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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