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बंगाल में ‘विचाराधीन' 13 लाख मतदाताओं को नहीं मिली जगह, EC ने कहा- कुल 76 लाख के नाम कटे

अधिकारी ने पुष्टि की कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान पहले ही लगभग 63 लाख नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे और इन आंकड़ों के साथ अब मतदाता सूची में जगह नहीं पाने वाले मतदाताओं की कुल संख्या बढ़कर लगभग 76 लाख हो गई है।

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4 मई को आएंगे पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे।

Photo : PTI

West Bengal Assembly Election 2026 : निर्वाचन आयोग के एक शीर्ष अधिकारी ने कोलकाता में बुधवार को बताया कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की एसआईआर प्रक्रिया के दौरान ’विचाराधीन’ श्रेणी में रखे गए मतदाताओं में से 32 लाख की जांच की गई और उनमें से 40 प्रतिशत का नाम हटा दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि वास्तविक आंकड़ों में परिवर्तित करने पर, न्यायिक प्रक्रिया के उपरांत हटाए गए मतदाताओं की संख्या वर्तमान में 13 लाख है।

लगभग 63 लाख नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे

अधिकारी ने पुष्टि की कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान पहले ही लगभग 63 लाख नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे और इन आंकड़ों के साथ अब मतदाता सूची में जगह नहीं पाने वाले मतदाताओं की कुल संख्या बढ़कर लगभग 76 लाख हो गई है। निर्वाचन आयोग ने सोमवार को उन ’विचाराधीन’ मतदाताओं की पहली पूरक सूची जारी की थी, जिनकी सुनवाई पूरी हो गई थी और वे पात्र पाए गए थे। लेकिन सूची से हटाए गए नामों की संख्या या उस सूची में निपटाए गए मामलों की सटीक संख्या की जानकारी नहीं दी जिसे लेकर विभिन्न धड़ों ने उसकी आलोचना की है।

28 फरवरी को जारी हुई अंतिम मतदाता सूची

एसआईआर प्रक्रिया के तहत गणना चरण में मृत्यु, प्रवास, दोहराव और अनुपयोगिता के आधार पर कुल 58 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे राज्य के पात्र मतदाताओं की संख्या प्रारंभिक 7.66 करोड़ से घटकर 7.08 करोड़ रह गई थी। एसआईआर के बाद 28 फरवरी को जारी अंतिम मतदाता सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 7.04 करोड़ से थोड़ा अधिक रह गई, जिनमें 60 लाख से अधिक नामों को न्यायिक सीमक्षा के लिए ’विचाराधीन’ की श्रेणी में रखा गया था। अधिकारी ने बताया कि अब तक विचाराधीन 32 लाख मतदाताओं के मामलों का निस्तारण किया जा चुका है जबकि राज्य में वर्तमान में कार्यरत 705 न्यायिक अधिकारियों द्वारा लगभग 28 लाख मामलों का निपटारा किया जाना बाकी है।

लगभग 10 लाख नाम अपलोड किए गए

अधिकारी ने बताया कि सोमवार को पहली पूरक सूची के प्रकाशन के दौरान निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर लगभग 10 लाख नाम अपलोड किए गए थे। उन्होंने लेकिन यह भी कहा कि सूची में हटाए गए नामों की सटीक संख्या के बारे में उनके पास कोई जानकारी नहीं है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ)मनोज अग्रवाल ने पूरक सूची के प्रकाशन से पहले बताया था कि करीब 29 लाख ’विचाराधीन’ मतदाताओं के मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। अधिकारी ने कहा, 'प्रकाशित सूची में केवल उन्हीं नामों को शामिल किया जा सकता है जिन्हें ई-हस्ताक्षर प्रमाणीकरण प्रक्रिया के माध्यम से अनुमोदित किया गया हो।’

इस बीच, सीईओ ने पूरक मतदाता सूची को दैनिक रूप से प्रकाशित करने की अनुमति के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है। हालांकि,उच्च न्यायालय ने कहा कि इस मामले की सुनवाई 27 मार्च के बाद होगी।

(एजेंसी इनपुट)

Alok Rao
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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