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Yellow Feet Causes: इन गंभीर बीमारियों का संकेत देता है पैरों का पीलापन, लक्षण जान न करें नजरअंदाज करने की गलती

  • Authored by: अवनी बागरोला
  • Updated Feb 16, 2024, 01:35 PM IST

Yellow Feet liver (पैर पीले क्यों होते हैं): कोई भी बीमारी होने से पहले शरीर उसके होने और इलाज शुरु करने के संकेत देता है। पैर के तलुओं का पीलापन ऐसा ही एक लक्षण है, जो कई गंभीर बीमारियों के होने का संकेत देता है। देखें पैर पीले क्यों होते हैं, पैरों का पीलापन कैसे दूर करें, लीवर कमजोर के लक्षण।

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Yellow feet causes in hindi diabetes liver disease Symptoms

Yellow Feet causes liver Symptoms (पैर पीले क्यों होते हैं): त्वचा के रंग की तरह ही हर किसी के हाथों की हथेली तो पैरों के तलवों का रंग भी अलग होता है। और ऐसा होने के पीछे कोई बीमारी का संकेत भी होने की पूरी संभावना है। दरअसल छोटी-बड़ी हर तरह की बीमारी की चपेट में आने से पहले ही शरीर आपको कुछ संकेत देने लगता है, जिसे कई स्थितियों में हम नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसा ही एक लक्षण है पैरों का पीला पड़ना, आमतौर पर शरीर के पीलेपन को पीलिया ही समझा जाता है। लेकिन ऐसा पीलिया ही नहीं बल्कि कई दूसरी गंभीर बीमारियों में भी होता है। यहां देखें पैर पीले क्यों होते हैं, लीवर कमजोर के लक्षण, पैरों का पीलापन कैसे दूर करें, डायबिटीज के लक्षण।

पैर पीले क्यों होते हैं, Why do Feets get yellow causes in hindi

पैरों का पीला होना वैसे तो बहुत सामान्य नहीं होता है। हालांकि इसका जुड़ाव हर बार किसी बहुत स्वास्थ्य संबंधित समस्या से हो ऐसा भी जरूरी नहीं है। जन्म के वक्त से ही किन्हीं हार्मोनल तो केमिकल बदलावों की वजह हर किसी के पैर के तलवों का रंग एक दूसरे से अलग हो सकता है। हालांकि जब ये रंग अचानक से बहुत पीला पड़ने लगे तब इस बात पर ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है। यहां देखें किन बीमारियों में तलुवों का रंग पीला होता है।

किन बीमारियों में पैर पीले होते हैं, Yellow Feet Liver symptoms in Hindi

डायबिटीज

डायबिटीज के मरीजों में पैरों के साथ साथ हाथों के पीले पड़ने की शिकायत हो सकती है। ऐसा शरीर में कैरोटीन की बिगड़ी मात्रा के कारण हो सकता है। इसी के साथ आपको शरीर में लाल पीले दाने भी हो सकते हैं।

लीवर की समस्या

लीवर से जुड़ी समस्याओं में पैरों का पीला पड़ना बहुत बड़ा संकेत होता है। दरअसल लीवर से जुड़ी बीमारियों से जुझ रहे मरीज के शरीर में कैरोटिनॉयड का स्तर बढ़ जाता है, जो एक तरह का पिगमेंट होते है। अब वैसे तो आमतौर पर शरीर से कैरोटिनॉयड यूरीन के साथ साफ हो जाता है। लेकिन क्योंकि लीवर के मरीजों को पेशाब में भी दिक्कत होती है, तो पिगमेंट शरीर से बाहर नहीं जा पाता। जिस वजह से तलुए का रंग अधिक पीला हो सकता है।

खून की कमी

ऐनीमिया या खून की कमी वाले पेशेंट्स भी पैरों के पीलेपन की समस्या से जुझते हैं। पैरों का पीला पड़ना एनीमिया का बड़ा लक्षण है। पैरों के पीलेपन के साथ एनीमिया के मरीजों को सिरदर्द, थकान, दिल तेज धड़कना, बाल झड़ना, सांस न आना और नाखून आसानी से टूट जाने की भी शिकायत हो सकती है।

पीलिया

पैर के तलुओं का पीला पड़ना पीलिया से पीड़ित होने का मुख्य लक्षण है। हालांकि पीलिया में आंखें, नाखून व शरीर के अन्य सफेद भाग भी जल्दी पीले पड़ने लगते हैं। ऐसा आपको गंदा पानी पीने, हैपेटाइटिस बी और सी, क्रॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स लेने तो संक्रमित खाना खाने की वजह से भी हो सकता है।

इसी के साथ कोलेस्ट्रोल, थायराइड, किडनी की बीमारी, हाइपर थायराइडिज्म जैसी बीमारियों से संक्रमित होने पर भी पैरों का रंग अत्यधिक पीला पड़ने लगता है। पैरों का पीलापन आप कद्दू, शकरकंद, हरी सब्जियां, खट्टे फल खाकर दूर कर सकते हैं। हालांकि आपको बहुत चिंता करने की जरूरत आमतौर पर तब ही हो सकती है, जब पैरों के पीले पड़ने के साथ साथ मरीज को बुखार हो, खून की उल्टी हो, आसानी से चोट लगकर खून आता हो, मल के साथ खून आना, काला मल आना, चक्कर आना और पेट में अत्यधिक दर्द हो रहा है। ऐसा कुछ भी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने और किसी बीमारी के लक्षण समझ उसका घर पर ही इलाज करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

अवनि बागरोला
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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