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World Vitiligo Day: बच्चों में Vitiligo के लक्षण क्या हैं, विटिलिगो को ठीक होने में कितना समय लगता है?

विटिलिगो यानी सफेद दाग बच्चों में भी हो सकता है। शुरुआती लक्षणों की पहचान और समय पर इलाज से इसे बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। जानिए इसके संकेत, कारण और रिकवरी से जुड़ी जरूरी बातें।

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Vitiligo In Kids

हर साल 25 जून को World Vitiligo Day मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य इस त्वचा संबंधी रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। विटिलिगो को आम बोलचाल में सफेद दाग भी कहा जाता है। यह तब होता है जब त्वचा को रंग देने वाले सेल्स, जिन्हें मेलानोसाइट्स कहा जाता है, काम करना बंद कर देती हैं या नष्ट हो जाती हैं। कई लोग इसे केवल वयस्कों की समस्या समझते हैं, लेकिन यह बच्चों में भी देखने को मिल सकती है।

अक्सर माता-पिता बच्चे की त्वचा पर छोटे सफेद धब्बे देखकर घबरा जाते हैं। हालांकि यह कोई संक्रामक बीमारी नहीं है और न ही छूने से फैलती है। सही समय पर पहचान और डॉक्टर की सलाह से स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है। वर्ल्ड विटिलिगो डे के मौके पर आइए जानते हैं बच्चों में इसके शुरुआती लक्षण क्या हो सकते हैं और इसके सुधार में कितना समय लग सकता है।

बच्चों में विटिलिगो के शुरुआती लक्षण

विटिलिगो का सबसे सामान्य लक्षण त्वचा पर सफेद या हल्के रंग के धब्बे दिखाई देना है। ये धब्बे अक्सर चेहरे, हाथों, पैरों, आंखों के आसपास या होंठों के पास नजर आ सकते हैं। शुरुआत में ये छोटे होते हैं लेकिन समय के साथ इनका आकार बढ़ सकता है।

बालों का रंग भी बदल सकता है

कुछ बच्चों में प्रभावित हिस्से के बाल, भौंहें या पलकों का रंग भी सफेद होने लगता है। यह विटिलिगो का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है।

Vitiligo Symptoms

Vitiligo Symptoms

दर्द या खुजली नहीं होती

ज्यादातर मामलों में सफेद दाग के साथ दर्द, जलन या खुजली जैसी समस्या नहीं होती। यही वजह है कि कई बार शुरुआती चरण में इस पर ध्यान नहीं जाता।

इलाज का असर कब दिखता है?

विटिलिगो में सुधार का समय हर बच्चे में अलग हो सकता है। यह दागों के आकार, स्थान और शरीर की प्रतिक्रिया पर निर्भर करता है। कुछ बच्चों में कुछ महीनों में सुधार दिख सकता है, जबकि कई मामलों में अधिक समय लग सकता है।

विटिलिगो का इलाज एक लंबी प्रक्रिया हो सकता है। नियमित फॉलोअप, डॉक्टर की सलाह का पालन और धैर्य रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। बच्चों को सफेद दाग की वजह से स्कूल या सामाजिक माहौल में असहज महसूस हो सकता है। ऐसे में माता-पिता का सपोर्ट उतना ही जरूरी है जितना चिकित्सा उपचार।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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