World Sepsis Day 2024: हर साल 13 सितंबर को दुनियाभर में विश्व सेप्सिस दिवस मनाया जाता है। सेप्सिस एक खतरनाक बीमारी है, जो कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को भी ट्रिगर करती है। सेप्सिस एक संक्रामक रोग है, जब तब होता है, जब किसी संक्रमण के कण व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। आपको बता दें कि इस हेल्थ कंडीशन की वजह से शरीर में ऊतकों को काफी नुकसान पहुंचता है। यह स्थिति इतनी गंभीर है कि इससे व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। यह खतरनाक बीमारी किसी को भी हो सकती है। लेकिन यह बीमारी बुजुर्ग और कम उम्र के लोगों को अधिक प्रभावित करती है।
सेप्सिस एक आपात स्थिति है, जागरूकता की कमी होने की वजह से लोग इस बीमारी की चपेट में आ जाते हैं और समय रहते इसके लिए उपचार नहीं ले पाते हैं। इसलिए कई बार उन्हें गंभीर स्थितियों का शिकार होना पड़ता है। यह जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में सेप्सिस रोग को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य के साथ हर साल 13 सितंबर को विश्व सेप्सिस दिवस (World Sepsis Day 2023) मनाया जाता है।
विश्व सेप्सिस दिवस का महत्व- World Sepsis Day Significance in Hindi
इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच इसको लेकर जागरूकता फैलाना है। इसके माध्यम से लोगों को बीमारी के लक्षण, उपचार और निदान के तरीकों को लेकर जानकारी प्रदान की जाती है। बीमारी का जल्दी निदान कैसे किया जा सकता है, सेप्सिस का इलाज करके उनकी जान कैसे बचाई जा सकती है, सभी के बारे में लोगों को विस्तार से बताया जाता है। इसके लिए कई तरह के कार्यक्रम और कैंपेन भी चलाए जाते हैं। साथ ही, इस बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण की आवश्यकता पर भी जोर दिया जाता है।
विश्व सेप्सिस दिवस का इतिहास- World Sepsis Day History in Hindi
ग्लोबल सेप्सिस एलायंस द्वारा इस दिवस की स्थापना वर्ष 2012 में की गई थी। उस दौरान दुनियाभर में लोगों को यह खतरनाक संक्रमण अपनी चपेट में ले रहा था। जागरूकता की कमी होने की वजह से बहुत से लोग अपनी जान गंवा चुके थे। ऐसे में लोगों को इस खतरनाक बीमारी से बचाने और जागरूक करने के लिए इस दिवस को मनाने की शुरुआत की गई। तब से हर साल 13 सितंबर को यह दिवस मनाया जा रहा है।
विश्व सेप्सिस दिवस 2024 की थीम - World Sepsis Day 2024 Theme in Hindi
2024 विश्व सेप्सिस दिवस का विषय हर साल अलग होता है, इस बार की थीम "प्रतिरक्षा प्रणाली: सेप्सिस के खिलाफ लड़ाई में दोधारी तलवार" रखी गई है। इसमें बीमारी से बचाव के लिए मुख्य रूप से इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है। क्योंकि संक्रमण से लड़ने में सर्वप्रथम हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली ही भूमिका निभाती है।
