दुनिया भर में हर साल 8 मई के दिन World Ovarian Cancer Day के रूप में मनाया जाता है। जिसका साफ उद्देश्य लोगों के बीच इसकी जागरूकता बढ़ाना और इसके खतरे के प्रति सचेत करना है। वहीं आंकड़ों की मानें तो ओवेरियन कैंसर भारतीय महिलाओं के बीच होने वाला तीसरा सबसे आम कैंसर है, जो जानलेवा तक हो सकता है। जबकि बात करें पहले और दूसरे की तो ब्रेस्ट कैंसर सबसे ज्यादा और दूसरे स्थान पर सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के लिए खतरे का कारण बने हुए हैं। हालांकि ओवेरियन कैंसर की तो इसके ज्यादा मामलों में जेनेटिक फैक्टर सामने आता है। लेकिन उम्र का बढ़ना और हार्मोनल चेंजेस इसके और भी कई कारण हो सकते हैं। आइए जानते हैं ओवेरियन कैंसर के लक्षण और बचाव के उपाय....
क्या होता है ओवेरियन कैंसर? - What is Ovarian Cancer?
ओवेरियन कैंसर महिलाओं में होने वाला तीसरा सबसे आम कैंसर का प्रकार है। ये महिला के अंडाशय (Ovary) में विकसित होने वाला एक कैंसर है। जब महिला के शरीर में मौजूद अंडाशय की कोशिकाओं में अनियंत्रित वृद्धि होने लगती है, तो ऐसी कंडीशन को ओवेरियन कैंसर कहा जाता है। इस स्थिति में अंडाशय यानी ओवरी में ट्यूमर बनने लगता है, जो धीरे-धीरे आसपास के अंगों में भी फैल सकता है। ओवेरियन कैंसर के लगभग 90 प्रतिशत मामलों में एपिथेलियल ओवेरियन कैंसर सामने आता है। इसलिए कहा जा सकता है कि ये ओवेरियन कैंसर का सबसे कॉमन रूप है।
ओवेरियन कैंसर के लक्षण - Symptoms of Ovarian Cancer in Hindi
ओवेरियन कैंसर की शुरुआत में आपको कुछ साधारण से लक्षण देखने को मिलेंगे, जो आगे चलकर गंभीर हो जाते हैं। आइए जानते हैं ओवेरियन कैंसर के कुछ लक्षण...
- पेट में सूजन या दर्द रहना।
- वजन का लगातार कम होना।
- पेट के निचले हिस्से में असामान्य महसूस होना।
- बहुत अधिक थकावट रहना।
- कमर में दर्द रहना।
- पाचन से जुड़ी समस्याएं जैसे कब्ज या दस्त।
- खाना खाते समय जल्दी पेट भरा हुआ महसूस होना।
ओवेरियन कैंसर से बचाव के उपाय - Ovarian Cancer Prevention Tips in Hindi
- ओवेरियन के बहुत से मामले जेनेटिक होते हैं, इसलिए अपने परिवार की मेडिकल हिस्ट्री का ध्यान जरूर रखें।
- ओवेरियन कैंसर से बचाव के लिए गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने की सलाह भी दी जाती है।
- मोटापा भी ओवेरियन कैंसर की एक बड़ी वजह बनता है, इसलिए अपने वजन को कंट्रोल में रखें।
- इसके अलावा लेख में बताए गए किसी भी लक्षण के सामने आते ही बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।
- हार्मोनल रिप्लेसमेंट थेरेपी भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है, इसलिए इसे कराने से बचना चाहिए।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
